धमतरी में धर्मांतरण पर घमासान: शव दफनाने को लेकर आदिवासी समाज और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के दुगली थाना क्षेत्र में एक शव को दफनाने को लेकर भारी बवाल मच गया है। मामला मुनाईकेरा गांव का है, जहां जलसिंह नेताम नाम के व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों ने शव को अपनी ही बाड़ी में दफना दिया। जैसे ही इसकी खबर ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों को लगी, वे बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते यह मामला एक बड़े विवाद में बदल गया और गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

15 साल पहले बदला था धर्म

विवाद का मुख्य कारण मृतक का धर्म परिवर्तन बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जलसिंह नेताम ने लगभग 15 साल पहले अपना मूल धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था। ग्रामीणों का तर्क है कि धर्मांतरित व्यक्ति को गांव की सीमा या निजी बाड़ी में पारंपरिक रीति-रिवाजों के खिलाफ दफनाना स्वीकार्य नहीं है। इसी बात को लेकर स्थानीय समाज ने कड़ा ऐतराज जताया और परिजनों के इस फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया।

शव को बाहर निकालने की मांग पर अड़े ग्रामीण

आक्रोशित ग्रामीणों और आदिवासी समाज के नेताओं ने मोर्चा खोलते हुए प्रशासन से मांग की है कि दफनाए गए शव को तुरंत बाहर निकाला जाए। उनका कहना है कि गांव की परंपराओं और सामाजिक नियमों का उल्लंघन किया गया है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक शव को वहां से हटाया नहीं जाता, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मांग को लेकर गांव के चौक-चौराहों पर भीड़ जमा हो गई है।

पुलिस बल और आला अधिकारी मौके पर तैनात

गांव में तनाव बढ़ता देख सूचना मिलते ही दुगली थाना पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मुनाईकेरा पहुंच गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से गांव के संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनात कर दी गई है। अधिकारियों की पहली प्राथमिकता किसी भी तरह की हिंसक झड़प को रोकना और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। पुलिस प्रशासन लगातार ग्रामीणों को शांत कराने की कोशिश कर रहा है।

गांव में बना हुआ है तनावपूर्ण माहौल

फिलहाल मुनाईकेरा गांव में माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है। एक तरफ परिजन अपनी निजी जमीन पर अंतिम संस्कार के अधिकार की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ समाज के लोग इसे गांव की परंपरा पर हमला मान रहे हैं। दोनों पक्षों के अड़ियल रुख के कारण सुलह का रास्ता फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर नजर रखनी शुरू कर दी है ताकि शांति भंग न हो।

प्रशासनिक कार्रवाई और समझाइश का दौर जारी

राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी परिजनों और समाज के प्रमुखों के साथ बैठक कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह विचार किया जा रहा है कि क्या कानूनी रूप से शव को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करेंगे और किसी को भी हाथ में कानून लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फिलहाल इलाके में सन्नाटा है लेकिन तनाव बरकरार है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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