गुजरात की ईंट-भट्ठी में बंधक बने छत्तीसगढ़ के 54 मजदूर रिहा

बिलासपुर जिले के कोटा, तखतपुर और पचपेड़ी जैसे इलाकों से 54 मजदूरों को ज्यादा मजदूरी का झांसा देकर गुजरात ले जाया गया था। खेड़ा जिले की एमके ब्रिक्स फैक्ट्री के संचालक शाहरुख भाई ने इन मजदूरों को काम पर रखा था। मजदूरों ने अपना काम ईमानदारी से पूरा कर लिया लेकिन जब घर वापसी और मेहनत की कमाई मांगी तो मालिक का व्यवहार बदल गया। उसने पैसे देने से साफ मना कर दिया और सभी मजदूरों को फैक्ट्री के अंदर ही कैद कर दिया।

बंदूक और रसूख के दम पर दी जाती थी पहरेदारी

फैक्ट्री के अंदर मजदूरों की जिंदगी किसी जेल से कम नहीं थी। मजदूरों ने बताया कि उन्हें बिना दरवाजों वाली कच्ची झोपड़ियों में रखा जाता था ताकि उन पर हर वक्त नजर रखी जा सके। हालत यह थी कि उन्हें राशन लाने के लिए बाजार तक जाने की छूट नहीं थी। रात के वक्त अगर कोई शौच के लिए भी निकलता तो टॉर्च की रोशनी में उसकी निगरानी होती थी। विरोध करने पर भट्ठा मालिक अपने रसूख की धमकी देता और जान से मारने की बात कहकर उन्हें डराता था।

दो मजदूरों ने भागकर सुनाई आपबीती

इस जुल्म के बीच राहुल बंजारे और शत्रुघ्न रात्रे नाम के दो मजदूर किसी तरह मालिक की नजरों से बचकर वहां से भाग निकले। वे सीधा बिलासपुर पहुंचे और कलेक्ट्रेट में आयोजित जनदर्शन में अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि उनके साथ गए बाकी साथी अभी भी वहां बंधक हैं और उनकी जान खतरे में है। शिकायत मिलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और श्रम विभाग को मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बिलासपुर और खेड़ा प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर के सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय ने गुजरात के खेड़ा जिला प्रशासन और वहां की पुलिस से संपर्क किया। बिलासपुर कलेक्टर के निर्देश पर खेड़ा के एसपी को पत्र लिखकर फौरन रेस्क्यू की मांग की गई। स्थानीय पुलिस ने सूचना मिलते ही ईंट-भट्ठी पर छापा मारा और घेराबंदी कर सभी 54 मजदूरों को मालिक के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बकाया मजदूरी दिलाने की प्रक्रिया हुई शुरू

रेस्क्यू के बाद सभी मजदूरों को उनके गृह जिले बिलासपुर सुरक्षित वापस भेज दिया गया है। सहायक श्रम आयुक्त ज्योति शर्मा ने बताया कि मजदूरों की सुरक्षित वापसी प्राथमिकता थी जिसे गुजरात प्रशासन के सहयोग से पूरा कर लिया गया है। अब विभाग उन मजदूरों की बकाया राशि का हिसाब करवा रहा है ताकि उन्हें उनकी मेहनत का पूरा पैसा मिल सके। प्रशासन अब भट्ठा मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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