
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। कोर्ट ने बिलासपुर उच्च न्यायालय द्वारा अमित जोगी को बरी किए जाने के फैसले के विरुद्ध केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर लंबित अपील को अनुमति दे दी है।
CBI अब सुप्रीम कोर्ट में रखेगी अपना पक्ष
यह मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में विचाराधीन था।
- बिलासपुर हाईकोर्ट का फैसला: पूर्व में बिलासपुर उच्च न्यायालय ने अमित जोगी को इस मामले में बरी कर दिया था।
- सुप्रीम कोर्ट में आवेदन: इस फैसले के खिलाफ, मृतक रामअवतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने हाई कोर्ट में लगाई गई रिविजन याचिका को अपील में कन्वर्ट करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन किया था। साथ ही, CBI ने भी अपील दायर करने के लिए अनुमति मांगी थी।
- सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सतीश जग्गी और राज्य सरकार के आवेदन को खारिज करते हुए, केवल CBI को अपना पक्ष रखने की अनुमति प्रदान की है।
जग्गी हत्याकांड का घटनाक्रम
रामअवतार जग्गी की हत्या वर्ष 2003 में की गई थी। यह मामला अपनी राजनीतिक संलिप्तता के कारण काफी चर्चा में रहा था।
- राजनीतिक नाम: इस हत्याकांड में कई राजनीतिक नाम सामने आए थे, जिनमें तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी का नाम भी प्रमुखता से रहा।
- पीड़ित परिवार का विश्वास: सतीश जग्गी ने इस निर्णय पर कहा है कि उनके परिवार को न्यायालय पर पूरा भरोसा है और उन्हें विश्वास है कि CBI की जांच के आधार पर उन्हें न्याय मिलेगा और जल्द ही इस मामले में अमित जोगी को कड़ी सजा होगी।



