
रायपुर, 28 फरवरी 2025। Chhattisgarh Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज चौथे दिन प्रवेश कर चुका है, जहां मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के लिए कई अहम सवालों का सामना करना होगा। आज प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में कई मुद्दों पर गरमा-गर्मी हो सकती है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग से लेकर साइबर अपराध और सड़क निर्माण में गड़बड़ी तक पर चर्चा हो सकती है।
स्वास्थ्य और गृहमंत्री से होगी सवाल-जवाब
आज के सत्र में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सवालों का सामना करेंगे। इनमें खासतौर पर डॉक्टरों की कमी, अस्पतालों में अव्यवस्था, और बढ़ते साइबर अपराध पर सवाल उठ सकते हैं। साथ ही, डिजीटल अरेस्टिंग जैसे मुद्दों पर भी गृहमंत्री को अपनी ही पार्टी के विधायकों के सवालों का जवाब देना पड़ सकता है।
ध्यानाकर्षण के मुद्दे: गौरी गणेश कंपनी और वृक्षारोपण अनियमितता
विधायक अनुज शर्मा और कुंवर सिंह निषाद भी आज सदन में अपने-अपने मुद्दों को उठाएंगे। अनुज शर्मा धरसींवा में गौरी गणेश कंपनी के मुद्दे पर वाणिज्य मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे, जबकि कुंवर सिंह निषाद नवा रायपुर में वृक्षारोपण के नाम पर हुई अनियमितता पर आवास और पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी से जवाब मांग सकते हैं।
सदन में तीन अशासकीय संकल्प भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिन्हें विधायकों धर्मजीत सिंह, रिकेश सेन और हर्षिता स्वामी बघेल द्वारा लाया जाएगा।
आर्थिक सर्वेक्षण और कृतज्ञता ज्ञापन
वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज छत्तीसगढ़ का आर्थिक सर्वेक्षण सदन पटल पर रखेंगे। इसके बाद, राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। यह दिन विधानसभा के कामकाजी एजेंडे के लिए महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि राज्य की नीतियों और योजनाओं को लेकर कई अहम सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
कांग्रेसी विधायकों का हंगामा?
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कांग्रेस विधायकों के हंगामे की भी संभावना है। पीसीसी चीफ की जासूसी और ईडी की पूछताछ के मामले में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में जमकर विरोध जताने की योजना बनाई है। कुछ विधायक राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद चर्चा का बहिष्कार कर सकते हैं।
अगर विपक्ष ने सदन में विरोध किया तो वे निलंबित होकर राजीव भवन में बैठक करने के लिए रवाना हो सकते हैं। पीसीसी चीफ ने इस बैठक के लिए 1 बजे समय निर्धारित किया है, जहां विधानसभा घेराव का निर्णय लिया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र में हंगामेदार स्थिति
छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का तीसरा दिन भी काफी हंगामेदार रहा था। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। खासकर, विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत ने बंद उद्योगों और मजदूरों के मुआवजे के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने यह सवाल उठाया कि पंडरिया और कवर्धा के शक्कर कारखाने बंद हो गए हैं क्योंकि सरकार ने इन्हें पैसे नहीं दिए।
आज का दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाला है, जहां कई मुद्दों पर गंभीर चर्चाएं हो सकती हैं।
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