
Dhamtari News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक निजी स्कूल में छात्र के साथ हुई मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना बुधवार 23 जुलाई की बताई जा रही है, जब यूनिफॉर्म के पैसों को लेकर दो छात्रों के बीच विवाद हुआ और स्कूल प्राचार्य के बेटों ने हस्तक्षेप कर एक छात्र की पिटाई कर दी। गुरुवार को छात्र की तबीयत बिगड़ने पर परिजन पुलिस थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया गया।

यूनिफॉर्म के पैसों को लेकर हुआ विवाद
Dhamtari School Case: जानकारी के अनुसार, कलारतराई निवासी नीरज सोनवानी का बेटा और भतीजा धमतरी के दानीटोला स्थित गुरुकुल विद्यासागर स्कूल में कक्षा सातवीं के छात्र हैं। स्कूल में यूनिफॉर्म के लिए 750 रुपये जमा करने थे, जिसे लेकर दोनों भाई आपस में चर्चा कर रहे थे। तभी स्कूल के प्राचार्य के दो बेटे वहां पहुंचे और बिना किसी बातचीत के एक छात्र को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया।

बेरहमी से की गई मारपीट, गाल और पीठ में आई सूजन
Dhamtari School: पीड़ित छात्र के पिता नीरज सोनवानी ने बताया कि उनके बेटे को लगभग 25 से 30 थप्पड़ मारे गए, जिससे उसके गाल और पीठ में सूजन आ गई। शाम होते-होते मामला गर्माया और कुछ लोग सिटी कोतवाली थाने पहुंचे, जहां पहले एक अस्थायी समझौता हुआ। लेकिन रात में जब छात्र की तबीयत बिगड़ने लगी और चेहरे की सूजन बढ़ गई, तब परिजन अगले दिन दोबारा थाने पहुंचे और FIR की मांग की।
परिजनों पर बनाया गया था दबाव
Dhamtari Crime: पीड़ित छात्र के परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्राचार्य के बेटों को बचाने के लिए उन पर दबाव बनाया गया था कि मामला थाने तक न पहुंचे। इसी कारण पहले दिन समझौता कर लिया गया था। लेकिन रात में हालत बिगड़ने पर वे पुलिस कार्रवाई के लिए मजबूर हुए।

NSUI और समाज ने जताया नाराजगी
इस घटना के विरोध में एनएसयूआई के पदाधिकारी और सतनामी समाज के प्रतिनिधि भी सिटी कोतवाली पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। सतनामी समाज के कोमल संभाकर और विनोद डिंडोलकर ने सवाल उठाया कि किस अधिकार से प्राचार्य के बेटे दो बच्चों की सामान्य बातचीत में हस्तक्षेप कर उन्हें बेरहमी से पीट सकते हैं।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि यह घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ित छात्र को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
Dhamtari Police: सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित छात्र का मेडिकल परीक्षण (मुलायजा) कराया है और जांच शुरू कर दी है। डीएसपी मोनिका मरावी ने बताया कि घटना के समय दो बच्चे आपस में बातचीत कर रहे थे, तभी स्कूल से दो अन्य लड़के—जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है—बाहर आए और छात्र की पिटाई कर दी। दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
स्कूल प्राचार्य से संपर्क नहीं हो सका
घटना के संबंध में जब मीडिया ने स्कूल प्राचार्य से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं किया। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह मामला शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और पीड़ित छात्र को कब तक न्याय मिलता है।



