
रायपुर Custom Milling Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 140 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग घोटाले में आरोपी राइस मिलर रोशन चंद्राकर को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब 8 महीने जेल में बिताने के बाद चंद्राकर को मंगलवार को महासमुंद जिला जेल से रिहा किया गया।
पासपोर्ट जमा करने और देश न छोड़ने की हिदायत
Roshan Chandrakar Bail: हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए रोशन चंद्राकर को पासपोर्ट कोर्ट में जमा कराने और बिना अनुमति देश से बाहर न जाने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही उन्हें जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की शर्त भी लगाई गई है।
अब तक की कार्रवाई
ईडी ने 15 मई 2024 को रोशन चंद्राकर को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद 27 मई को उन्हें रायपुर जेल भेजा गया और प्रशासनिक आधार पर 7 जनवरी 2025 को महासमुंद जिला जेल शिफ्ट किया गया था।

अन्य आरोपी और कोर्ट की कार्यवाही
इस घोटाले में पूर्व मार्कफेड एमडी मनोज सोनी को पहले ही जमानत मिल चुकी है, जबकि दो अन्य प्रमुख आरोपी पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर अभी भी जेल में हैं। घोटाले की जांच EOW और ED दोनों एजेंसियां कर रही हैं और मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है।
क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला?
कस्टम मिलिंग घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मार्कफेड के पूर्व MD मनोज सोनी सहित पाँच लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए लगभग 140 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की गई। दरअसल, विभिन्न राइस मिलर्स द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) और भारतीय खाद्य निगम (FCI) में कस्टम मिलिंग का चावल जमा कराया जाता है। इसी दौरान भ्रष्टाचार कर प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध राशि वसूली जाती थी। जांच में खुलासा हुआ कि मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर न केवल लेवी वसूलते थे, बल्कि अफसरों को इसकी जानकारी भी देते थे। जिन मिलर्स से वसूली नहीं होती थी, उनका भुगतान रोक दिया जाता था।
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