छत्तीसगढ़ की जनता की जान से खिलवाड़: इस दवाई के कई बैच जांच में फेल, सरकारी अस्पतालों से स्टॉक वापस मंगाने का आदेश

छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों को कृमि मुक्त करने के लिए बांटी जाने वाली एल्बेंडाजोल दवा की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) द्वारा की गई जांच में इस दवा के कई बैच मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट आने के बाद दवा निगम ने एक सर्कुलर जारी कर प्रभावित स्टॉक को तत्काल वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं।

एल-1 और एल-2 दोनों कंपनियों की सप्लाई में मिली खामी

दवा आपूर्ति के लिए चुनी गई पहली कंपनी (L-1) के चार बैच सैंपल जांच में फेल पाए गए थे जिसके बाद उसका अनुबंध खत्म कर दिया गया। इसके बाद दूसरी कंपनी (L-2) को सप्लाई का जिम्मा सौंपा गया लेकिन आठ महीने बीतते ही उसकी दवा को लेकर भी शिकायतें आने लगीं। एहतियात के तौर पर रायपुर और बलौदाबाजार जिलों के केंद्रों से इस दवा का स्टॉक जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है।

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान से पहले बढ़ी मुश्किलें

आगामी फरवरी महीने में प्रदेश के कई जिलों में फाइलेरिया उन्मूलन और कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाना है। इन अभियानों में एल्बेंडाजोल की खुराक अनिवार्य रूप से शामिल रहती है। ऐन वक्त पर दवा के सैंपल फेल होने और स्टॉक वापस मंगाए जाने से स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को तगड़ा झटका लगा है। विभाग अब युद्ध स्तर पर नई व्यवस्था करने में जुटा है।

अब तीसरी कंपनी से होगी दवा की नई खरीदी

दवा निगम ने आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अब नया टेंडर जारी कर दिया है। इसके तहत तीसरी कंपनी से दवा खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों का प्रयास है कि अभियान शुरू होने से पहले गुणवत्तापूर्ण दवा की खेप सभी जिलों तक पहुंचा दी जाए ताकि बच्चों और आम जनता के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।

अस्पतालों को जारी हुआ सख्त निर्देश

सीजीएमएससी ने सभी जिला चिकित्सा अधिकारियों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि जिन बैच की दवाओं को वापस मांगा गया है उनका वितरण तुरंत रोक दिया जाए। फेल हुए नमूनों के मामले में संबंधित कंपनियों पर पेनाल्टी लगाने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी भी की जा रही है। वर्तमान में जो स्टॉक केंद्रों पर मौजूद है उसे सील कर निगम के स्टोर में जमा कराया जा रहा है।

  • फेल हुए बैच की संख्या: कुल 4 से अधिक बैच जांच में असुरक्षित मिले।
  • प्रभावित जिले: रायपुर और बलौदाबाजार सहित कई अन्य जिलों में सप्लाई रोकी गई।
  • दवा का उपयोग: बच्चों के पेट से कीड़े (कृमि) खत्म करने के लिए।
  • निगम की कार्रवाई: संबंधित कंपनियों का अनुबंध निरस्त कर नया टेंडर जारी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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