
रायपुर: PM Suryaghar Yojana: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ में भी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। रायपुर में रूफटॉप सोलर लगाने के काम में रिश्वतखोरी के आरोप लगने के बाद बिजली विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। योजना के तहत प्रस्तावित कार्य में कथित तौर पर पैसों की मांग करने के आरोप में एक महिला कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक संविदा लाइन परिचारक की सेवा समाप्त कर दी गई है।
नेट मीटरिंग के लिए मांगी गई थी रिश्वत
यह पूरा मामला रायपुर नगर संभाग के अंतर्गत चंगोराभाठा जोन का है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद नेट मीटरिंग, ग्रिड कनेक्शन और मॉनिटरिंग का काम बिजली विभाग करता है, क्योंकि इस योजना की नोडल एजेंसी सीएसईबी (छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड) है।
चंगोराभाठा में दो घरों में सोलर प्लांट लगाए जाने थे। इस कार्य के लिए वेंडर ने जब चंगोराभाठा दफ्तर के संविदा लाइन परिचारक हरिओम साहू से संपर्क किया, तो साहू ने नेट मीटरिंग के कार्य के लिए 6 हजार रुपये की मांग की।
रिकॉर्डिंग के आधार पर हुई कार्रवाई
आरोप है कि संविदा कर्मी हरिओम साहू ने इस रकम में से महिला कनिष्ठ अभियंता को भी हिस्सा देने की बात कही। वेंडर ने पैसों की मांग की पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कर दी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। इस मामले में महिला कनिष्ठ अभियंता एलिन कुजूर को निलंबित कर दिया गया, जबकि संविदा लाइन परिचारक हरिओम साहू की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं में निचले स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है।
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