
रायपुर: छत्तीसगढ़ की जंगल सफारी में रह रही बाघिन ‘बिजली’ को बेहतर इलाज के लिए गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा केंद्र में शिफ्ट किया गया है। बाघिन पिछले कुछ समय से यूट्रस और ओरल इन्फेक्शन से पीड़ित थी, जिसके चलते उसे खाने-पीने में परेशानी हो रही थी। वन विभाग के अधिकारियों ने उसे एक महीने के लिए विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा वाले इस केंद्र पर भेजने का निर्णय लिया।
शिफ्टिंग के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप पहुँचे सफारी
बाघिन ‘बिजली’ की शिफ्टिंग के दौरान छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप स्वयं जंगल सफारी पहुँचे। उन्होंने अधिकारियों से मामले पर चर्चा की और बाघिन के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बाघिन को मंगलवार शाम को विशेष निगरानी में हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से वनतारा के लिए रवाना किया गया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि 8 साल की बाघिन बिजली का इलाज जंगल सफारी में चल रहा था, लेकिन यूट्रस और ओरल में इन्फेक्शन होने के कारण उसे विशेष देखभाल की ज़रूरत थी।
क्या है वनतारा और कहाँ से आई थी बाघिन?
- वनतारा प्रोजेक्ट: यह गुजरात के जामनगर में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित एक वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण केंद्र है, जिसका प्रबंधन अनंत अंबानी करते हैं। यह सुविधा 3,500 एकड़ में फैली है और यहाँ जानवरों के लिए अत्याधुनिक अस्पताल और प्राकृतिक वातावरण प्रदान किया जाता है।
- बाघिन की पृष्ठभूमि: बाघिन ‘बिजली’ को पहले इंद्रावती टाइगर रिजर्व से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था। बेहतर इलाज के लिए उसे रायपुर जंगल सफारी लाया गया था। यहाँ इलाज के दौरान भी उसकी तबियत में सुधार न होने के कारण उसे वनतारा शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। इस शिफ्टिंग के दौरान वनतारा की विशेष टीम के अलावा जंगल सफारी स्टाफ और वन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।



