
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे धर्मगुरु परम आलय अपने विवादित बयान की वजह से चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियों और युवाओं को शादी से पहले शारीरिक संबंधों पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अपनी बात को समझाने के लिए उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे हम गाड़ी खरीदने से पहले उसे चलाकर देखते हैं, वैसे ही शादी से पहले अनुभव और समझ जरूरी है। उनके इस बयान का वीडियो सामने आते ही मामला विवाद का विषय बन गया।
सेक्स को पूजनीय बताया, कहा युवाओं को दी जानी चाहिए सही समझ
परम आलय ने कहा कि सेक्स एनर्जी को समझना और उसका सही उपयोग करना जरूरी है। उनका मानना है कि युवाओं को इसके बारे में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भारतीय परंपरा में शरीर को दो हिस्सों में बांटकर देखने की बात नहीं कही गई है। उनका कहना है कि उम्र आने पर यौन संबंधों के प्रति सहज होना गलत नहीं है।
प्रवचन में धर्म और अध्यात्म के बजाय सेक्स पर बात, लोगों में असहमति
कार्यक्रम में लोगों की उम्मीद थी कि परम आलय धर्म, आत्मा और कर्म जैसे विषयों पर बोलेंगे। लेकिन उन्होंने लंबे समय तक सेक्स और उसके अभ्यास पर बातें कीं, जिससे लोग हैरान रह गए। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद थे। आयोजकों ने इस आयोजन को आध्यात्मिक कार्यक्रम के रूप में प्रचारित किया था, लेकिन धर्मगुरु के बयान ने पूरे माहौल का स्वर बदल दिया।
देखिये वीडियो-
टीनेजर्स की सेक्स एज पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद
परम आलय ने किशोरों की उम्र में यौन समझ और अनुभव पर भी टिप्पणी की, जिसके बाद उनकी बातों का विरोध और तेज हो गया। कई लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक व्यवस्था और पारंपरिक मान्यताओं से मेल नहीं खाते। अब कार्यक्रम में दिए गए उनके बयान को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस चल रही है।
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