Digital Census: मई 2026 से शुरू होगी देश की डिजिटल जनगणना

भारत में अगली जनगणना की तैयारी शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया मई 2026 से शुरू होकर 2027 तक चलेगी। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जाएगी। मोबाइल एप और वेब पोर्टल के जरिए आंकड़े जुटाए जाएंगे। अंतिम आंकड़े वर्ष 2028 में जारी किए जाने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि नई प्रणाली से डेटा सुरक्षित रहेगा और प्रक्रिया तेज होगी।

दो चरणों में पूरी होगी गिनती की प्रक्रिया

जनगणना का पहला चरण मई 2026 में शुरू होगा। इसमें मकानों की सूची तैयार की जाएगी और परिवारों की बुनियादी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद फरवरी 2027 से दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी विस्तृत जानकारी जैसे नाम, उम्र, लिंग, शिक्षा, जाति और आय से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में आधार ढांचा तैयार होगा और दूसरे चरण में विस्तृत विवरण जोड़ा जाएगा।

पहली बार नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

इस बार लोगों को सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा। यानी नागरिक वेब पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। सर्वे टीम मोबाइल एप के माध्यम से डेटा सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपलोड करेगी। इससे कागजी काम कम होगा और डेटा के गुम होने या दुरुपयोग की आशंका घटेगी। गलत जानकारी की संभावना कम करने के लिए शिक्षकों और सर्वे कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सही आंकड़े ही तय करेंगे विकास की दिशा

जनगणना निदेशालय के अधिकारियों ने साफ किया है कि सरकारी योजनाओं की रूपरेखा इन्हीं आंकड़ों के आधार पर बनती है। यदि आय, शिक्षा या परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी गलत दी जाती है, तो उसका असर सीधे नीतियों पर पड़ता है। इसलिए सर्वे टीम को यह भी सिखाया जाएगा कि वे लोगों को बिना डर के सही जानकारी देने के लिए समझाएं और जरूरत पड़ने पर तथ्यों की पुष्टि करें।

डिजिटल जनगणना की प्रमुख विशेषताएं

नई प्रणाली में एंड्रॉयड और आईओएस आधारित एप के जरिए सीधे डेटा एंट्री होगी। एप हिंदी और अंग्रेजी के साथ क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध रहेगा। जियो-टैगिंग का उपयोग पारदर्शिता के लिए किया जाएगा। सवालों के जवाब के लिए ड्रॉप-डाउन विकल्प होंगे, जिससे त्रुटियां कम होंगी। पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होगी और जानकारी रियल टाइम में सर्वर पर सुरक्षित रहेगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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