
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज, 14 नवंबर 2025 को 44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले की शुरुआत हो गई है। यह वार्षिक मेला देश और विदेश के व्यवसायों के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करता है। इस वर्ष का मेला ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर आधारित है, जो देश की विविधता और एकता को प्रदर्शित करता है।

छत्तीसगढ़ का पवेलियन बन रहा आकर्षण का केंद्र
इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ का पवेलियन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। छत्तीसगढ़ पवेलियन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं और समृद्ध संस्कृति का प्रभावी प्रदर्शन कर रहा है। पवेलियन में राज्य की नई नीतियों और उपलब्धियों को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है।
हस्तशिल्प, कृषि और संस्कृति का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ के पवेलियन में राज्य के अद्वितीय उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की जा रही है। इनमें स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और राज्य की समृद्ध संस्कृति से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं। यह प्रदर्शन राज्य की स्थानीय उद्यमशीलता और पारंपरिक कलाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

इनवेस्टमेंट कमिश्नर रितु सैन ने किया पवेलियन का उद्घाटन
दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इनवेस्टमेंट कमिश्नर रितु सैन ने पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद, उन्होंने पवेलियन का अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉलों पर मौजूद प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता और राज्य में बढ़ती औद्योगिक संभावनाओं की सराहना की।

निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाएँ
छत्तीसगढ़ पवेलियन केवल उत्पादों के प्रदर्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में निवेश के अवसरों को भी उजागर कर रहा है। पवेलियन में मौजूद अधिकारी और प्रतिनिधि स्थानीय उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और राज्य में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से व्यावसायिक बैठकों का भी आयोजन कर रहे हैं, जिससे राज्य के विकास को नई दिशा मिल सके।



