Kumhari Toll Plaza: बंद होगा कुम्हारी टोल प्लाजा, नितिन गडकरी से मिले विकास उपाध्याय, अवैध वसूली पर जताई आपत्ति, कार्रवाई का मिला भरोसा

रायपुर: Kumhari Toll Plaza: छत्तीसगढ़ के कुम्हारी टोल प्लाजा पर चल रही कथित अवैध वसूली अब सियासत और सिस्टम के निशाने पर है। कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय लगातार इस मुद्दे पर सरकार और सिस्टम से दो-दो हाथ कर रहे हैं। अब इस मामले में नई हलचल तब दिखी जब उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की।

नागपुर में हुई मुलाकात, सौंपा आवेदन

Kumhari Toll Tax Controversy: बीते रविवार को नागपुर में विकास उपाध्याय ने नितिन गडकरी से उनके निवास पर मुलाकात की और कुम्हारी टोल प्लाजा को लेकर विस्तृत चर्चा की। उपाध्याय ने बताया कि इस टोल प्लाजा का टेंडर पहले ही समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद यहां जबरन वसूली की जा रही है। उन्होंने मंत्री को पूरा मामला समझाते हुए एक आवेदन भी सौंपा।

नियम की धज्जियां उड़ रही हैं?

विकास उपाध्याय ने गडकरी के सामने यह भी तर्क रखा कि राष्ट्रीय राजमार्ग नियमों के मुताबिक 60 किलोमीटर की परिधि में दो टोल प्लाजा नहीं हो सकते। लेकिन छत्तीसगढ़ में यह नियम बेमानी हो चुका है। सिर्फ कुम्हारी ही नहीं, बल्कि और भी कई टोल प्लाजा इस नियम का उल्लंघन करते हुए काम कर रहे हैं।

बंद होगा कुम्हारी टोल प्लाजा

Toll Plaza Close: विकास उपाध्याय का कहना है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उनकी बात को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि जल्द ही कुम्हारी टोल प्लाजा को बंद करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ के अन्य टोल प्लाजा की भी जानकारी मंगवाई गई है ताकि उन पर भी कार्रवाई की जा सके।

सालों से चल रहा है संघर्ष

Kumhari Toll Plaza News: यह मुद्दा कोई नया नहीं है। उपाध्याय ने बताया कि बीते कुछ वर्षों से वे और उनकी टीम इस टोल प्लाजा को बंद कराने के लिए आंदोलनों की कड़ी में जुटे हैं। कभी एनएचएआई दफ्तर का घेराव तो कभी बीजेपी सांसदों को पत्र लिखकर समर्थन की अपील—हर रास्ता आज़माया जा चुका है। यहां तक कि आम जनता से हस्ताक्षर अभियान भी चलवाया गया।

अब बारी दिल्ली और नागपुर की?

उपाध्याय ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार और संबंधित विभाग इस मुद्दे पर जल्दी फैसला नहीं लेते, तो वे दिल्ली के जंतर-मंतर और नागपुर में नितिन गडकरी के निवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि ये सिर्फ कुम्हारी का मामला नहीं है, बल्कि सिस्टम की उस खामी का मामला है जिससे जनता की जेब पर बेवजह भार डाला जा रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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