
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार तीसरे महीने भी बिजली बिल बढ़े हुए आने के कारण आम जनता में भारी परेशानी और आक्रोश है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया है कि औसतन हर उपभोक्ता का बिजली बिल दो से तीन गुना ज्यादा आया है।
बिजली बिल ज्यादा आने के तीन मुख्य कारण
सुशील आनंद शुक्ला ने बढ़े हुए बिजली बिलों के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया और तीन मुख्य कारण बताए:
- बिजली दरों में वृद्धि: सरकार ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर दी है।
- ‘बिजली बिल हाफ’ योजना बंद: पिछली कांग्रेस सरकार की लोकप्रिय ‘बिजली बिल हाफ’ योजना को बंद कर दिया गया है।
- स्मार्ट मीटरों की गलत रीडिंग: नए स्मार्ट मीटरों की गलत रीडिंग के कारण बिजली की खपत बढ़ी हुई दिख रही है।
मुनाफाखोरी बढ़ाने का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर जनता को महंगी बिजली देने के लिए मुनाफाखोरी को बढ़ाने का आरोप लगाया है।
- मूलभूत संसाधनों पर सवाल: शुक्ला ने कहा, “कोयला, पानी और जमीन सब छत्तीसगढ़ की है, फिर भी जनता को महंगी बिजली क्यों दी जा रही है?”
- उत्पादन लागत में कमी का लाभ नहीं: उन्होंने बताया कि कोयले पर लगने वाला सेस (Cess) घट चुका है, जिससे बिजली उत्पादन लागत कम हुई है, लेकिन सरकार इसका लाभ जनता को नहीं दे रही है।
- आक्रोश: उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि भाजपा सरकार की नीयत जनता को राहत देने की नहीं, बल्कि मुनाफाखोरी बढ़ाने की है, जिससे जनता में आक्रोश और निराशा दोनों है।
कांग्रेस की मांग: VCA में कटौती कर जनता को राहत दें
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह बिजली बिलों में लगने वाले वीसीए (वैरिएबल कॉस्ट एडजस्टमेंट) शुल्क में कटौती करे, जिससे आम लोगों को सीधे तौर पर राहत मिल सके।



