कैबिनेट मंत्री के गृह जिले में पानी का संकट: जल जीवन मिशन की टंकी सूखी, ग्रामीण पानी को तरसे

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। राज्य के एक कैबिनेट मंत्री के गृह जिले से लगे ग्राम पंचायत भिट्ठी कलां में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) की योजना ग्रामीणों के लिए ‘जी का जंजाल’ बन गई है। गाँव में पानी की टंकी होने के बावजूद, यहाँ के निवासी पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।

महिलाएँ पानी के लिए भटकने को मजबूर

भिट्ठी कलां गाँव की विडंबना यह है कि यहाँ महिला सरपंच (जुगमुनिया बाई) और महिला सचिव (रंजना गुप्ता) होने के बावजूद, ग्रामीण महिलाओं को पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी को ठेकेदार बलराम दास से लगभग एक साल पहले हैंडओवर लिया जा चुका है, फिर भी घर-घर पानी नहीं पहुँच रहा है।

मंत्री का गृह जिला होने के बावजूद लापरवाही

यह गाँव क्षेत्रीय विधायक राजेश अग्रवाल के विधानसभा क्षेत्र में आता है, जो अब कैबिनेट मंत्री बन चुके हैं। साथ ही, यह ग्राम पंचायत जिला पंचायत सदस्य पायल सिंह तोमर के अंतर्गत है। इतनी बड़ी राजनीतिक उपस्थिति के बावजूद, ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और उपसरपंच को कोई भय नहीं है और विकास कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

सचिव को हटाने और पुरुष सचिव भेजने की मांग

ग्रामीण अब पंचायत की महिला सचिव रंजना गुप्ता को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गाँव में पुरुष सचिव भेजने की मांग की है। उनका मानना है कि महिला सचिव विकास कार्यों को गंभीरता से नहीं ले रही हैं।

सरपंच पर 15 साल से ‘धनबल’ से जीतने का आरोप

ग्रामीणों ने वर्तमान महिला सरपंच जुगमुनिया बाई पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच लगातार 15 वर्षों से केवल धनबल का प्रयोग करके ग्राम पंचायत की सरपंच बनती आ रही हैं, जबकि गाँव में एक भी विकास कार्य ठीक से नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने इस राजनीतिक और प्रशासनिक निष्क्रियता पर गहरा रोष व्यक्त किया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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