
Dhamtari Diesel Scam: धमतरी नगर निगम एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला डीजल के फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस ने नगर निगम पर बंद पड़ी गाड़ियों में डीजल डलवाने और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस का आरोप: बंद वाहनों में जारी हुआ डीजल
कांग्रेस ने दावा किया है कि नगर निगम में ऐसी गाड़ियों में डीजल जारी किया गया, जो महीनों से खराब होकर गैरेज में खड़ी थीं। खासकर नगर निगम उपायुक्त को आवंटित वाहन CG 05 AH 5794, जो फरवरी से जुलाई तक गैराज में खड़ा था, उसके नाम पर नियमित रूप से डीजल डाला गया।

यही नहीं, जानकारी में यह भी सामने आया है कि एक मोटरसाइकिल (CG 05 AL 5794) को भी डीजल जारी किया गया, जबकि भारत में कोई भी बाइक डीजल से नहीं चलती। कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले को एक बड़ा वित्तीय घोटाला बताया है।

सूचना के अधिकार से हुआ खुलासा
युवा कांग्रेस के जिला महासचिव गीतराम सिन्हा ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त की है। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, दो वाहनों – एक मोटरसाइकिल और एक चार-पहिया वाहन – के नाम पर लगातार डीजल आवंटित किया गया, जबकि दोनों वाहन संचालन में ही नहीं थे।

सिन्हा का कहना है कि उनके पास इन गाड़ियों के सीसीटीवी फुटेज भी हैं, जिससे यह साबित होता है कि वे कई महीनों से इस्तेमाल नहीं हो रही थीं, फिर भी उनके नाम पर ईंधन निकाला जा रहा था।
जनता के पैसे की बर्बादी पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि धमतरी नगर निगम प्रशासन ने जनता के खून-पसीने की कमाई से आए राजस्व का दुरुपयोग किया है। गीतराम सिन्हा ने कहा,
“सुशासन की सरकार में जनता का पैसा और समय दोनों बर्बाद किया जा रहा है। यह घोटाला सिर्फ डीजल तक सीमित नहीं हो सकता, इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।”
मेयर ने जांच का भरोसा दिलाया
इस मामले में जब मीडिया ने महापौर रामू रोहरा से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं। लेकिन यदि इस तरह का मामला सामने आता है और प्रमाण प्रस्तुत किए जाते हैं, तो निश्चित रूप से सख्त जांच और कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि चाहे कोई भी अधिकारी हो, दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा।

धमतरी नगर निगम में सामने आया यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यदि कोई भ्रष्टाचार हुआ है तो जिम्मेदारों को सज़ा मिल सके और जनता का विश्वास बहाल किया जा सके।



