
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की खेती के सनसनीखेज खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पार्टी ने अफीम उगाने के मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार को तत्काल प्रभाव से भाजपा से निलंबित कर दिया है। विनायक ताम्रकार भाजपा के राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक जैसे महत्वपूर्ण पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अनैतिक और अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं है।
मक्के के खेत में छिपाकर की जा रही थी अफीम की खेती
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब दुर्ग पुलिस ने शिवनाथ नदी के पार स्थित समोदा गांव में विनायक ताम्रकार के खेत पर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा। पुलिस टीम उस समय दंग रह गई जब उन्होंने देखा कि नौ एकड़ की विशाल भूमि पर मक्के (भुट्टे) की फसल के बीच शातिर तरीके से अफीम के हजारों पौधे उगाए गए थे। मक्के के ऊंचे पौधों का उपयोग अफीम की लहलहाती फसल को बाहरी दुनिया और कानून की नजरों से छिपाने के लिए एक ‘कवर’ के रूप में किया जा रहा था।

पुलिस हिरासत में आरोपी, बड़े नेटवर्क की तलाश
छापेमारी के बाद पुलिस ने विनायक ताम्रकार को हिरासत में ले लिया है और उनसे अज्ञात स्थान पर गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अफीम की इतनी बड़ी खेप की सप्लाई कहाँ की जानी थी और इस अवैध कारोबार में कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बरामद पौधों के सैम्पल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
राजनीतिक गलियारों में मचे हड़कंप के बीच पार्टी की सफाई
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दलों के हमलों के बीच भाजपा ने निलंबन की कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह अपराधियों को संरक्षण नहीं देती। वरिष्ठ भाजपा नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी पाए जाने पर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।



