
बलरामपुर: Balrampur News: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत होने से पहले ही धान तस्करी का गोरखधंधा करने वाले कोचिए और बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते, जिले में अवैध धान परिवहन के खिलाफ पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर के निर्देश पर गठित प्रशासनिक टीम ने 150 बोरी अवैध धान के साथ दो पिकअप वाहन जब्त किए हैं और मामले की गहन जाँच में जुट गई है।

वाड्रफनगर में दो पिकअप वाहन जब्त
यह पूरी घटना बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड की है। अनुविभागीय अधिकारी के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने रघुनाथ नगर में अवैध धान परिवहन करते हुए एक पिकअप को पकड़ा। इस पिकअप में लगभग 70 बोरी धान लदा हुआ था। जाँच के दौरान ड्राइवर वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद जब्ती की कार्रवाई की गई।
मुरकौल में भी हुई दूसरी कार्रवाई
इसी प्रकार की दूसरी कार्रवाई ग्राम मुरकौल में भी की गई। यहाँ एक अन्य पिकअप वाहन में लगभग 80 बोरी धान का परिवहन किया जा रहा था। इस वाहन चालक की ओर से भी धान के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके कारण उस वाहन को भी जब्त कर लिया गया। इन दोनों कार्रवाई में कुल 150 बोरी अवैध धान जब्त हुआ है।

कलेक्टर कटारा ने गठित की निगरानी दल
जिले समेत पूरे छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू होनी है। इसे देखते हुए कलेक्टर कटारा ने शासन की मंशा के अनुरूप धान खरीदी को लेकर सभी निगरानी दलों, नोडल और राजस्व अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अवैध परिवहन और संग्रहण पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
बाहर से धान लाकर खपा रहे कोचिए
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी करती है, जिसकी कीमत पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक होती है। यही वजह है कि धान तस्करी का गोरखधंधा करने वाले सरगना अभी से सक्रिय हो गए हैं। ये लोग मोटी रकम कमाने की चाह में अन्य राज्यों से अवैध तरीके से धान लाकर छत्तीसगढ़ के मंडियों में खपाने की फिराक में हैं। हालांकि, जिला प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद है और कोचियों तथा बिचौलियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।



