
अंबिकापुर, 19 मई 2025: ACB Raid on BJP leader in CG: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच में आज एक और बड़ा मोड़ आया, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अंबिकापुर में बीजेपी जनपद उपाध्यक्ष आकाश अग्रवाल के पिता अशोक अग्रवाल के घर दबिश दी। ये वही अशोक अग्रवाल हैं जिनके तार कथित तौर पर पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सुबह-सुबह ACB की दस्तक, घर में दस्तावेजों की पड़ताल
CG Liquor Scam: रामनिवास कॉलोनी, अंबिकापुर में अशोक अग्रवाल के घर पर ACB की टीम पहुंची और घर की तलाशी व दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की गई। ये पूरी कार्रवाई सरगुजा संभाग के डीएसपी प्रमोद खेस के नेतृत्व में की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टीम को शराब सप्लाई और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
अशोक अग्रवाल का ‘शराब कनेक्शन’
सूत्रों के अनुसार, अशोक अग्रवाल लंबे समय से शराब सप्लाई नेटवर्क से जुड़े रहे हैं और उन्हें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का करीबी भी माना जाता है। ACB को शक है कि अशोक अग्रवाल इस घोटाले में एक मुख्य किरदार हो सकते हैं, जिन्होंने सरकारी तंत्र की आड़ में शराब सप्लाई और फंड ट्रांजैक्शन में अहम भूमिका निभाई।
राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
इस छापे की खास बात यह है कि जिनके घर दबिश दी गई, वो बीजेपी के जनपद उपाध्यक्ष के पिता हैं, जबकि उनका नाम कांग्रेस के पूर्व मंत्री से जुड़ा हुआ है। ऐसे में ये मामला अब सिर्फ घोटाले का नहीं, बल्कि राजनीतिक उठापटक का भी केंद्र बन गया है। सत्ताधारी और विपक्ष दोनों खेमों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ACB की अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें
जानकारी के मुताबिक, ACB की कार्रवाई अब भी जारी है और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर भी छापेमारी हो सकती है। यह छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शराब घोटाले में अब तक की सबसे चर्चित छानबीनों में से एक मानी जा रही है।
क्या है शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ में हुए इस घोटाले में आरोप है कि सरकारी संरक्षण में शराब की आपूर्ति की गई और उससे जुड़ी आर्थिक अनियमितताओं को दबाया गया। इस घोटाले में कई बड़े नामों के शामिल होने की आशंका है और अब ACB की नजर हर उस शख्स पर है जो इस नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।



