
बिलासपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में पालतू जानवरों का कारोबार करने वालों के लिए प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। अब शहर में चल रहे सभी पेट शॉप और डॉग ब्रीडिंग सेंटर्स को सीधे सरकार की निगरानी में रहना होगा। पशु कल्याण बोर्ड ने साफ कर दिया है कि व्यवसाय शुरू करने के दो महीने यानी 60 दिनों के अंदर छत्तीसगढ़ राज्य पशु कल्याण बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराना कानूनी रूप से जरूरी है। वहीं जो लोग कुत्तों के प्रजनन यानी ब्रीडिंग का काम करते हैं, उन्हें साल 2017 के नियमों के तहत अलग से पंजीयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इन जानवरों की बिक्री के लिए लाइसेंस जरूरी: नियम की जद में आएंगे पक्षी और छोटे जीव भी
पशु चिकित्सा विभाग ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन का नियम केवल कुत्तों तक सीमित नहीं है। पेट शॉप नियम 2018 के मुताबिक इस श्रेणी में कुत्ते, बिल्ली के अलावा खरगोश, गिनी पिग, हैम्स्टर और चूहे भी शामिल हैं। इसके साथ ही पिंजरे में रखे जाने वाले विदेशी रंग-बिरंगे पक्षियों को बेचने वाली दुकानों को भी इसी दायरे में रखा गया है। अगर कोई दुकानदार इन जीवों की देखरेख या बिक्री करता है, तो उसे अनिवार्य रूप से बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। इस कदम का मकसद जानवरों की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता लाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कैसे होगा आवेदन: जिले से लेकर रायपुर मुख्यालय तक की प्रक्रिया को समझें
दुकानदारों और ब्रीडिंग सेंटर संचालकों को रजिस्ट्रेशन के लिए ज्यादा भटकने की जरूरत नहीं है। उन्हें अपना आवेदन जिले के पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय में जमा करना होगा। यहां से दस्तावेजों की शुरुआती जांच के बाद आवेदन को अंतिम मंजूरी के लिए रायपुर स्थित राज्य पशु कल्याण बोर्ड के मुख्यालय भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि पशुओं के रख-रखाव के मानकों का पालन सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं।
अंतिम चेतावनी और सीलिंग की तैयारी: 5 दिन की मोहलत के बाद शुरू होगा एक्शन
राज्य पशु कल्याण बोर्ड ने बिना पंजीयन चल रहे सेंटर्स को आखिरी मौका दिया है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जो संचालक अब तक इस प्रक्रिया से नहीं जुड़े हैं, वे अगले 5 दिनों के भीतर पुराने कंपोजिट भवन स्थित कार्यालय में संपर्क करें। इस समय सीमा के खत्म होते ही प्रशासन की टीमें मैदान में उतरेंगी। बिना वैध दस्तावेजों के संचालित होने वाली दुकानों और ब्रीडिंग सेंटर्स को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जाएगी।



