
Sun Staring World Records India Award: अगर कोई सामान्य व्यक्ति तपती दोपहर में आसमान की तरफ नजर उठाए, तो वह दो सेकंड भी सूरज की तीव्र रोशनी को बर्दाश्त नहीं कर पाता। बिना पलक झपकाए सूर्य को देखना तो दूर की बात है, लेकिन छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से एक ऐसा अचरज में डालने वाला मामला सामने आया है जिसे देखकर हर कोई हैरान है। अंबिकापुर के रहने वाले लाल विजय श्रीवास्तव ने अपनी एकाग्रता और आंखों की गजब की क्षमता के बल पर सीधे चमकते सूर्य को चुनौती दे डाली है। लाल विजय ने खुली आंखों से बिना पलक झपकाए लगातार 12 मिनट से अधिक समय तक सूर्य को एकटक देखकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बुक्स में अपना नाम दर्ज कराया है। इस अनोखे कारनामे के बाद अब उन्हें देश के एक प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित किया जाने वाला है।
मनेंद्रगढ़ मार्ग के रहने वाले हैं लाल विजय, दो बार दोहरा चुके हैं यह अविश्वसनीय कारनामा
सूरज की तपिश को मात देने वाले लाल विजय श्रीवास्तव उर्फ लाल जी अंबिकापुर शहर के मनेंद्रगढ़ मार्ग पर स्थित राइस मिल रोड के निवासी हैं। उन्होंने अपनी कड़ी साधना और निरंतर अभ्यास से आंखों की एक ऐसी विलक्षण शक्ति विकसित की है, जिसे देखकर आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और आम लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं। लाल विजय छत्तीसगढ़ के ऐसे पहले शख्स बन गए हैं जिन्होंने इतनी लंबी अवधि तक सीधे सूर्य की पराबैंगनी किरणों का सामना अपनी खुली आंखों से किया है। वे इससे पहले भी इसी तरह का एक सफल प्रयास कर चुके हैं और अब उन्होंने अपने ही पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।
मार्च 2026 में 33 डिग्री तापमान में बनाया नया कीर्तिमान, तोड़ा खुद का ही पुराना रिकॉर्ड
लाल विजय श्रीवास्तव ने हाल ही में मार्च 2026 के महीने में जब शहर का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, तब इस कठिन चुनौती को दोबारा स्वीकार किया। उन्होंने चिलचिलाती धूप में खड़े होकर लगातार 12.53 मिनट तक सूर्य की ओर बिना पलक झपकाए देखा और इस अद्भुत प्रदर्शन के साथ ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया’ में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। इससे पहले उन्होंने 18 दिसंबर 2025 को 12.52 मिनट तक सूर्य को एकटक देखने का कमाल किया था। अपने नए प्रयास में उन्होंने पुराने समय में एक सेकंड का इजाफा करके नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में पहले ही दर्ज है नाम, अब अहमदाबाद में मिलेगा ‘जीनियस इंडियन अचीवर्स अवार्ड’
दिसंबर 2025 में किए गए पहले सफल प्रयास के दौरान लाल विजय श्रीवास्तव का नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ की टीम ने अपनी सूची में शामिल किया था। उनकी इस निरंतर सफलता को देखते हुए अब ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया’ संस्था द्वारा आगामी 6 जून को गुजरात के अहमदाबाद स्थित प्राइड प्लाजा होटल में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में लाल विजय को ’10वें जीनियस इंडियन अचीवर्स अवार्ड’ से नवाजा जाएगा। इस समारोह की सबसे खास बात यह होगी कि वे देश भर से चुनकर आए 50 विशिष्ट प्रतिभावान रत्नों के सामने मंच पर सूर्य को देखने का लाइव परफॉर्मेंस भी देंगे।

अमेरिका और लंदन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स पर टिकी हैं निगाहें, विश्व पटल पर चमकाना चाहते हैं छत्तीसगढ़ का नाम
मीडिया के प्रतिनिधियों से औपचारिक बातचीत करते हुए लाल विजय श्रीवास्तव ने अपने भविष्य के इरादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि देश के भीतर अपनी योग्यता साबित करने के बाद अब उनका अगला मुख्य लक्ष्य ‘अमेरिका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ और ‘लंदन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ की टीम के सामने अपना दावा पेश करना है। लाल विजय का कहना है कि वे इस अनूठी कला के माध्यम से अपने गृह जिले अंबिकापुर और पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का नाम वैश्विक स्तर पर स्थापित करना चाहते हैं। उनके मुताबिक यह प्रयास केवल उनका व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह पूरे सरगुजा अंचल की अस्मिता और गौरव से जुड़ा हुआ विषय है।
वैश्विक मंच तक पहुंचने के लिए आर्थिक तंगी बनी रोड़ा, लाल विजय ने सरकार और समाज से मांगी मदद
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने और नए रिकॉर्ड्स दर्ज कराने की राह में लाल विजय के सामने इस समय आर्थिक संकट सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़ा हो गया है। विदेशी दौरों और पंजीकरण की भारी-भरकम फीस को वहन करना उनके लिए अकेले मुमकिन नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से लाल विजय ने बिलासपुर और रायपुर के बड़े व्यापारिक घरानों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं से खुले दिल से आर्थिक सहायता प्रदान करने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि विदेशों में होने वाले आयोजनों का खर्च बहुत ज्यादा है, जिसे पूरा करने के लिए समाज का आगे आना बेहद जरूरी है।
‘सुशासन’ की छांव में नहीं रुकेगी मेरी उड़ान, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प पर जताया पूरा भरोसा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए लाल विजय श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार की खेल व कला प्रोत्साहन नीतियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार राज्य की छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें उचित मंच देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्हें पूरा विश्वास है कि साय सरकार के सुशासन के दौर में पैसों की कमी उनके सपनों की उड़ान को नहीं रोक पाएगी। लाल विजय ने इच्छा जताई कि जब वे विश्व पटल पर भारत के नाम का नया इतिहास रचें, तो उस ऐतिहासिक कामयाबी में अंबिकापुर के हर एक नागरिक का थोड़ा-बहुत अंश और आशीर्वाद जरूर शामिल होना चाहिए।



