
रायपुर: CG Assistant Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षकों की नियुक्ति का मामला एक बार फिर गरमा गया है। डीएड (D.Ed.) योग्यताधारी अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाना तेज कर दिया है। यह मुहिम हाईकोर्ट के उस हालिया आदेश के बाद शुरू हुई है, जिसमें कोर्ट ने सरकार को दो महीने के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने और पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
D.Ed Candidates: डीएड अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से मुलाकात करेगा और उन्हें हाईकोर्ट के आदेश की प्रति सौंपकर तत्काल अनुपालन की गुहार लगाएगा।

2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की है मांग
CG Teacher Recruitment 2025: डीएड अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि शिक्षक भर्ती 2023 के तहत सहायक शिक्षक के 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया बिना किसी देरी के 1 अनुपात 3 के अनुपात में काउंसलिंग के जरिए शुरू की जाए।
- रिक्त पदों की स्थिति: साय सरकार द्वारा बीएड शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद रिक्त हुए 2615 पदों पर काउंसलिंग शुरू की गई थी। पाँचवें चरण में 1299 पदों पर नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन 1316 पद अभी भी खाली हैं। इसमें पूर्व के 984 रिक्त पदों को जोड़ने पर कुल 2300 पद खाली हैं। इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होनी है, लेकिन छठवें चरण की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बिगड़ा था मामला
CG Teacher Bharti: शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तत्कालीन भूपेश सरकार के अंतिम वर्ष में 12 हजार से अधिक पदों के लिए शुरू हुई थी, जिसमें 6285 सहायक शिक्षकों के पद शामिल थे।
- विभाग की गलती: सहायक शिक्षक के पद के लिए विभाग ने डीएड (डिप्लोमा) के साथ बीएड (डिग्री) को भी मान्य कर दिया था। इस निर्णय को डीएड अभ्यर्थियों ने कोर्ट में चुनौती दी।
- बीएड हुए बाहर: शिक्षक चयन परीक्षा और नतीजों के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि सहायक शिक्षक के लिए केवल डीएड ही अनिवार्य है, बीएड नहीं। इस आदेश के बाद दिसंबर 2024 में 2855 बीएड अभ्यर्थियों को बर्खास्त कर दिया गया था।
- समायोजन: हालांकि, छह महीने बाद बर्खास्त बीएड शिक्षकों को प्रयोगशाला सहायक बनाकर समायोजित (एडजस्ट) कर दिया गया, लेकिन डीएड शिक्षकों की भर्ती का मामला अभी भी अटका हुआ है, जिससे योग्य अभ्यर्थी परेशान हैं।
डीएड अभ्यर्थी अब हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रहे हैं, विशेषकर तब, जब कैबिनेट ने स्वयं शिक्षा भर्ती की वैधता को 1 जुलाई 2025 तक बढ़ा दिया था।



