
भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मी दिल्ली में तेज हो गई है। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आज दोपहर 2 बजे से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी, जो शाम 4 बजे तक चलेगी। इसके बाद शाम 5 से 6 बजे के बीच नाम वापसी का समय तय किया गया है। वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन को इस पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के भरोसेमंद होने के कारण संभावना है कि वे निर्विरोध चुन लिए जाएंगे, जिसका औपचारिक ऐलान 20 जनवरी को किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ के 17 कद्दावर नेता पहुंचे दिल्ली
भाजपा के इस संगठनात्मक बदलाव में छत्तीसगढ़ की बड़ी भूमिका नजर आ रही है। राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के तौर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा समेत कुल 17 नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। इन नेताओं की मौजूदगी न केवल नामांकन प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए है, बल्कि इनमें से कई दिग्गज प्रस्तावक और समर्थक के रूप में हस्ताक्षर भी करेंगे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू जैसे नाम भी इस खास चुनावी प्रक्रिया के गवाह बनेंगे।
मध्य प्रदेश से प्रस्तावक बने मुख्यमंत्री और सांसद
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी करीब 20 प्रमुख नेताओं की टीम के साथ दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। एमपी कोटे से प्रस्तावक और समर्थक के रूप में शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय जैसे दिग्गजों को शामिल किया गया है। मोहन यादव कैबिनेट के पांच मंत्रियों और चार सांसदों को भी इस सूची में जगह मिली है। इन नेताओं की भारी मौजूदगी यह दर्शाती है कि नए अध्यक्ष के चयन में मध्य प्रदेश के सियासी समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है।
कांग्रेस ने ‘परिवारवाद’ के मुद्दे पर घेरा
नितिन नबीन के अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे होने पर कांग्रेस ने हमलावर रुख अपना लिया है। पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने इसे भाजपा का ‘दोहरा चेहरा’ करार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा दूसरों पर परिवारवाद का आरोप लगाती है, लेकिन नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाकर वह खुद वही रास्ता अपना रही है, क्योंकि उनके पिता भी सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि भाजपा की कथनी और करनी में हमेशा से अंतर रहा है और यह नियुक्ति इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।
छत्तीसगढ़ को मिल सकता है नया प्रभारी
नितिन नबीन वर्तमान में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कमान संभालते ही वे नैतिकता के नाते छत्तीसगढ़ प्रभारी के पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनके अध्यक्ष बनने से छत्तीसगढ़ के स्थानीय नेताओं का कद तो बढ़ेगा ही, साथ ही राज्य को जल्द ही एक नया संगठन प्रभारी भी मिल सकता है। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 20 जनवरी को नई दिल्ली में उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है।

संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव के संकेत
नए अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही भाजपा के भीतर बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। नितिन नबीन की नई टीम में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवाओं को भी मौका मिल सकता है। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की सहमति से बनने वाली इस नई कार्यकारिणी का मुख्य लक्ष्य आगामी राज्यों के विधानसभा चुनाव और पार्टी की विचारधारा को ग्रामीण इलाकों तक और मजबूती से पहुंचाना होगा। दिल्ली में हो रही इस हलचल का असर आने वाले दिनों में देश की पूरी राजनीति पर देखने को मिलेगा।



