CG Weather Update Today: छत्तीसगढ़ में ठंड की वापसी, कई जिले शीतलहर की चपेट में, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

CG Weather Update Today: उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। सरगुजा संभाग के कई क्षेत्रों में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी घटकर लगभग 100 मीटर तक रह गई। अंबिकापुर–बनारस मार्ग पर स्थिति सबसे अधिक प्रभावित रही, जहाँ वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित मैदानी जिलों में भी रात का तापमान 3 से 4 डिग्री तक नीचे आया है और सरगुजा संभाग में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दस वर्षों में नवंबर महीने का सबसे कम दर्ज किया गया न्यूनतम तापमान है।

बंगाल की खाड़ी के असर से कुछ हिस्सों में हल्की बारिश

CG Today Weather News: मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने डीप प्रेशर एरिया का असर दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में दिखाई दे सकता है। बस्तर, धमतरी, महासमुंद, रायपुर और बिलासपुर संभाग के कुछ इलाकों में आज हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। पिछले दो दिन से सरगुजा संभाग में शीतलहर जैसी स्थिति बनी है, लेकिन श्रीलंका तट पर चक्रवाती तूफान बनने की वजह से इसका ज्यादा असर प्रदेश में नहीं हुआ है। आने वाली नमी के प्रभाव से अगले तीन-चार दिनों तक रात के तापमान में कमी का दौर थमेगा।

अगले तीन दिनों में तापमान में बढ़ोतरी के आसार

Today Raipur Weather Update: Cold वेव के बीच मौसम विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि अगले 24 घंटों में तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे वर्तमान में महसूस हो रही तीव्र ठंड में बहुत अधिक कमी नहीं आएगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में नवंबर के महीने में दो दौर में ठंड ने असर दिखाया है और तापमान में गिरावट का पीक दिसंबर के पहले सप्ताह में होने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी, अनावश्यक यात्रा से बचें

CG Cold Wave Alert: स्वास्थ्य विभाग ने तापमान में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने कहा है कि अचानक हो रहे मौसम के बदलाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, आवश्यक होने पर पूरी तरह गर्म कपड़े पहनने और यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तापमान चार-पांच डिग्री तक जाने की वजह से ओस जमने की स्थिति भी बन चुकी है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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