
छत्तीसगढ़ में निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। गणना पत्र जमा करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और 99.99 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कर लिया गया है। अब अगला चरण मतदाता सूची से मृत मतदाताओं के नाम हटाकर सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) सक्रिय हो गए हैं और वे मृत मतदाताओं के परिजनों से संपर्क करके मृत्यु की तारीख और स्थान सहित पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। यह सत्यापन कार्य 18 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा।
18 दिसंबर तक चलेगा सत्यापन कार्य, राजनीतिक दलों के एजेंट भी शामिल
Verification Process. निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी बीएलओ अपने-अपने क्षेत्र के मतदाता केंद्रों में 18 दिसंबर तक बैठकर दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों के एजेंटों को भी शामिल किया गया है। बीएलओ इन एजेंटों के साथ बैठकर सूची में छूटे हुए नामों की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। इसके अलावा, प्रशासन 2003 की सूची में आई टाइपिंग की गड़बड़ियों को भी सुधारने के लिए विशेष समीक्षा कर रहा है।
2003 के निवास प्रमाण की अनिवार्यता, नागरिकता की पुष्टि लक्ष्य
Historical Document Check. एसआईआर के तहत एक महत्वपूर्ण शर्त यह रखी गई है कि मतदाताओं को वर्ष 2003 की स्थिति में अपने माता-पिता या दादा-दादी के निवास संबंधी विवरण देना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह अनिवार्यता इसलिए रखी गई है, ताकि मतदाता की नागरिकता और निवास से जुड़ी जानकारी की सही पुष्टि हो सके। जब तक पुराने निवास की सटीक जानकारी नहीं मिलेगी, तब तक प्रशासन भी पूरी सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना चुनौतीपूर्ण होगा।
एसआईआर से छूटे मतदाता दावा-आपत्ति के जरिए करा सकते हैं सुधार
Post-SIR Procedure: निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया की समय-सीमा दो बार बढ़ाने के बावजूद जिले में लगभग 80 हजार लोग ऐसे बताए जा रहे हैं, जो किसी कारणवश प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके। उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील नायक ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद भी यदि कोई मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो सक्षम अधिकारी द्वारा उसका एसआईआर किया जाएगा। इसके अलावा, जिनका एसआईआर नहीं हो पाया है, वे दावा–आपत्ति की अवधि के दौरान या उसके बाद भी फॉर्म-6 (नाम जोड़ना), फॉर्म-7 (नाम हटाना) और फॉर्म-8 (संशोधन) के माध्यम से शपथ पत्र प्रस्तुत करके प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
तैयार करेंगे त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची
कुल मिलाकर, मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चल रही यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रशासन का दावा है कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों और किसी भी अपात्र या मृत नाम को हटाया जाए। इससे आगामी चुनावों में एक सटीक मतदाता सूची उपलब्ध हो सकेगी।
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