
Scandal. छत्तीसगढ़ में खाद की कालाबाजारी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अवैध तरीके से खाद बेचने के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पांचवें पायदान पर पहुंच गया है। जब अंबिकापुर में इस गंभीर मुद्दे पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम से सवाल पूछा गया तो उनका जवाब हैरान करने वाला था। मंत्री पहले कुछ देर चुप रहे और फिर उन्होंने कहा कि वह रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। सबसे अजीब बात उन्होंने यह कही कि खाद की कालाबाजारी से कृषि विभाग का कोई सीधा संबंध नहीं है। उनके अनुसार विभाग की जिम्मेदारी केवल किसानों तक खाद पहुंचाना है जबकि इसके नियंत्रण और निगरानी का काम अन्य विभागों के अधीन आता है।
खाद की किल्लत को माना चुनौती, अब कड़े कदम उठाने का दावा
Politics. चर्चा के दौरान कृषि मंत्री ने यह स्वीकार किया कि राज्य में इस बार खाद की भारी कमी रही है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि खाद और धान की पूरी प्रक्रिया कई अलग-अलग विभागों के जरिए नियंत्रित की जाती है। हालांकि सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए पहले भी सख्ती दिखाई थी लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। मंत्री ने अंत में यह जरूर माना कि खाद की अवैध बिक्री रोकना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराएगी और भविष्य में बिचौलियों व कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए नया ठोस प्लान तैयार किया जाएगा।



