
रायपुर: Online Token: खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदी की तैयारियां छत्तीसगढ़ में लगभग पूरी हो चुकी हैं। धान खरीदी सॉफ्टवेयर का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, किसान 9 नवंबर यानी आज से ऑनलाइन टोकन ले सकते हैं। राज्य सरकार ने 15 नवंबर से धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत करने की तैयारी की है। इस सीजन के लिए प्रदेश में 26 लाख 49 हजार से अधिक किसानों का पंजीकरण हुआ है, जो पिछले सीजन से लगभग एक लाख अधिक है।
‘तुंहर टोकन’ ऐप से घर बैठे टोकन प्राप्त करें
किसानों को धान बेचने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए खाद्य विभाग ने ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह एंड्रॉइड ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है, जिसके माध्यम से किसान घर बैठे ही अपने मोबाइल से उपार्जन केंद्र और तिथि चुनकर टोकन प्राप्त कर सकते हैं। ऐप में किसान अपनी भूमि, बैंक विवरण, समिति की जानकारी और खरीदी से संबंधित नवीनतम सूचनाएं भी आसानी से देख सकते हैं।

टोकन वितरण के नए नियम और सीमा
धान खरीदी के लिए राज्य सरकार ने टोकन जारी करने के संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं। सीमांत (2.5 एकड़ तक) और लघु (2.5 से 5 एकड़ तक) किसानों को अधिकतम 2 टोकन दिए जाएंगे, जबकि बड़े किसानों (5 एकड़ से अधिक) को अधिकतम 3 टोकन की अनुमति होगी। हालांकि, यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी टोकनों में भरी जाने वाली धान की कुल मात्रा किसान की खरीदी योग्य अधिकतम सीमा से अधिक न हो। साथ ही, हर बोरे में 40 किलो (0.40 क्विंटल) धान भरने का प्रावधान रखा गया है।
पारदर्शिता के लिए सत्यापित बैंक खाता अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी की पूरी प्रणाली को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए यह आवश्यक है कि केवल उन्हीं किसानों को टोकन जारी किए जाएंगे, जिनका बैंक खाता सत्यापित (Verified) हो चुका है। अपुष्ट खातों वाले किसानों को टोकन जारी नहीं किया जाएगा। इस तकनीक-आधारित व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरल प्रणाली उपलब्ध कराना है और खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की अव्यवस्था या दलाली की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त करना है।

अनियमितता रोकने को कंट्रोल सेंटर और चेकपोस्ट
धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए मार्कफेड द्वारा एक ‘इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर’ स्थापित किया जाएगा, जिसकी जिला स्तर पर भी स्थापना की जा रही है। खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को केंद्र का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा, अवैध धान के परिवहन को रोकने के लिए, विशेष रूप से ओडिशा और अन्य राज्यों से आने वाले धान की जाँच के लिए, विभिन्न जिलों में 16 चेकपोस्ट बनाए जाएंगे, जहाँ राजस्व, कृषि, वन और पुलिस विभाग के अधिकारी तैनात रहेंगे।



