Raipur Mobile Theft Case: मोबाइल लूटने पर रायपुर कोर्ट ने सुनाया उम्रभर की सजा और जुर्माना

रायपुर: Raipur Mobile Theft Case: एक मामूली दिखने वाली मोबाइल लूट की वारदात ने दो युवकों को सीधा उम्रकैद की सजा दिलवा दी है। जी हां, सिर्फ़ 13 हजार के मोबाइल के लिए हमला करने और उसे लूटने वाले दो आरोपियों को रायपुर की जिला अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर जुर्माना भी ठोका गया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी मोबाइल लूट के मामले में कोर्ट ने इतनी सख्त सजा सुनाई हो। चलिए, पूरा मामला समझते हैं…

मॉर्निंग वॉक कर रहे शख्स पर हमला, हथेली पर चाकू से वार

Raipur District Court News: यह घटना 1 सितंबर 2022 की है। रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में रहने वाले देवेंद्र साहू रोज की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। सुबह 5 बजे के आसपास वे एकता नगर, गोंदवारा के पास पहुंचे ही थे कि एक्टिवा सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोका।

Raipur Crime News 2025: बदमाशों ने पहले देवेंद्र का कॉलर पकड़ा और फिर जेब से चाकू निकालकर हमला कर दिया। जब देवेंद्र ने खुद को बचाने की कोशिश की, तो चाकू पकड़ने के चक्कर में उनकी हथेली कट गई। इसके बाद आरोपी युवक उसका 13 हजार रुपये का मोबाइल लूटकर फरार हो गए।

मोबाइल लूटने के बाद गाड़ी नंबर बना सबूत

हैरानी की बात ये रही कि हमले और लूट के बाद भी देवेंद्र ने बदमाशों की गाड़ी का नंबर नोट कर लिया। उसी नंबर के सहारे पुलिस ने मामले की पड़ताल की और दोनों आरोपियों तक पहुंच गई। FIR गुढ़ियारी थाने में दर्ज की गई थी।

कोर्ट ने सुनाया आजीवन कारावास, कहा– “डर का माहौल बना रहे हैं अपराधी”

Gudhiyari Police Station Case: तीन साल चली सुनवाई के बाद आखिरकार रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया। आरोपी शेख शब्बीर और आशीष मिर्जा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही शब्बीर पर 40 हजार और मिर्जा पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

लोक अभियोजक राहुल गुप्ता ने बताया कि इस केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश शैलेश शर्मा की अदालत में हुई।

कोर्ट की टिप्पणी: “अब सुबह टहलने भी डर लगता है…”

कोर्ट ने सजा सुनाते वक्त बेहद कड़ी टिप्पणी भी की। न्यायालय ने कहा–

“आज आम नागरिक का जीवन असुरक्षित हो गया है। कोई व्यक्ति सुबह टहलने या कहीं जाने के लिए घर से निकलता है और उसके साथ लूटपाट कर दी जाती है। ऐसे अपराध सिर्फ़ चोट नहीं, भय का वातावरण पैदा करते हैं। समाज में डर का माहौल बनता है। इसलिए अदालत को सख्त रुख अपनाना पड़ा।”

क्यों है ये फैसला ऐतिहासिक?

भारत में मोबाइल लूट जैसे मामलों में आमतौर पर हल्की सजा या जमानतें मिलती हैं। लेकिन इस फैसले ने एक मिसाल कायम की है कि चाहे रकम छोटी हो, अगर लूट में हिंसा शामिल है, तो कानून भी उतना ही सख्त होगा। यह फैसला ऐसे अपराधियों को सीधा संदेश देता है कि ‘लूटपाट की सोचोगे, तो जेल में जिंदगी काटनी पड़ेगी।’

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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