
कसडोल। CG Election2025: छत्तीसगढ़ के कसडोल जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोट में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया गया है। इस गांव के एक भी व्यक्ति ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने पिछले तीन वर्षों से आशू क्रेशर खदान को बंद करने की उनकी मांग पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते उन्होंने चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
आशू क्रेशर खदान को बंद करने की मांग पर अड़े हैं ग्रामीण
ग्राम पंचायत कोट के निवासी पिछले तीन सालों से आशू क्रेशर खदान को बंद करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया। खदान की गहराई बढ़ने के कारण गांव का जल स्तर गिर गया है, जिससे पेय जल की आपूर्ति और निस्तारी की समस्या बढ़ गई है। इसके अलावा, खेतों में पानी जमा न होने के कारण कृषि उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि खदान के कारण उनकी सैकड़ों हेक्टेयर भूमि बंजर हो गई है, और धूल की परत जमने से आसपास के गांवों में भी भूमि की उर्वरक क्षमता खत्म हो गई है। वहीं, भारी ब्लास्टिंग के कारण गांव के मकान भी क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। इस सब के बावजूद, प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाने के कारण ग्रामीणों ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

प्रशासन की कोशिशें भी रही नाकाम
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राम पंचायत कोट का दौरा किया और ग्रामीणों से बात की, लेकिन वे उन्हें कोई संतोषजनक आश्वासन देने में असफल रहे। इसके बाद, चुनाव के नामांकन की अंतिम तिथि तक भी किसी ने नामांकन नहीं दाखिल किया। तहसीलदार विवेक पटेल ने पुष्टि करते हुए बताया कि कोट से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए कोई नामांकन नहीं किया गया है।
क्या होगा आगे?
अब यह सवाल उठता है कि शासन-प्रशासन को क्या कदम उठाना होगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। ग्राम कोट के ग्रामीण आज भी आशू क्रेशर खदान को बंद करने की अपनी मांग पर अड़े हैं, और उनका कहना है कि जब तक यह खदान बंद नहीं होगी, तब तक वे किसी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेंगे।
Also Read: CG सेक्स सीडी मामला: 7 साल बाद रायपुर कोर्ट में आज से फिर से शुरू होगी सुनवाई