
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की अगली कैबिनेट बैठक आगामी 10 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में यह बैठक सुबह 11 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी। नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों के लिहाज से यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी अपने-अपने नए प्रस्तावों के साथ बैठक में शामिल होंगे, जहाँ उन पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
3 दिसंबर की बैठक में लिए गए थे ये बड़े फैसले
राजनीतिक गलियारों में यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि इससे ठीक पहले 3 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने जनहित से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए थे। इन फैसलों में सबसे प्रमुख है मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) को मिली मंजूरी। इसके तहत, 1 दिसंबर 2025 से राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट की बजाय 200 यूनिट प्रति माह तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया गया है।

400 यूनिट तक के उपभोक्ताओं को विशेष सोलर सब्सिडी
M-URJA अभियान के तहत, सरकार ने 200 से 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को भी विशेष राहत देने का प्रावधान किया है। ऐसे उपभोक्ताओं को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक बिजली बिल में 50% छूट का लाभ मिलता रहेगा। इस कदम से करीब 6 लाख उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा, ताकि वे इस एक वर्ष की अवधि में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घरों में सोलर प्लांट स्थापित कर सकें। सरकार की इस योजना से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
सोलर प्लांट पर अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ
सरकार ने हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर बढ़ने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा दिया है। इस योजना के तहत, राज्य शासन द्वारा उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट पर अतिरिक्त सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। 1 किलोवॉट क्षमता वाले प्लांट पर ₹15,000 और 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता वाले प्लांट पर ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह सुविधा राज्य के सभी उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
खरीद नियमों और उच्च शिक्षा विधेयकों को मंजूरी
ऊर्जा संबंधी फैसलों के अलावा, पिछली कैबिनेट ने कुछ प्रशासनिक और कानूनी सुधारों को भी मंजूरी दी थी। इसमें छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे स्थानीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी खरीद में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, उच्च शिक्षा और व्यावसायिक सुधारों से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयक, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक 2025 और छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक 2025, के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई।
10 दिसंबर की बैठक पर टिकी हैं सबकी निगाहें
पिछली कैबिनेट के इन नीतिगत फैसलों की समीक्षा के साथ ही, अब राज्य की निगाहें 10 दिसंबर को होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं। उम्मीद है कि इस बैठक में न केवल पुरानी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी, बल्कि प्रदेश के विकास की दिशा तय करने वाले कई नए नीतिगत निर्णय भी सामने आ सकते हैं।



