
धमतरी पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आमा तालाब रोड स्थित ‘सुश्रुत फार्मेसी’ पर छापेमारी कर पुलिस ने उसे सील कर दिया है। आरोप है कि यह मेडिकल स्टोर बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के धड़ल्ले से प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बेच रहा था। लंबे समय बाद नशे के जाल को तोड़ने के लिए की गई इस कार्रवाई से शहर के अन्य मेडिकल संचालकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस प्रतिबंधित दवा का स्टॉक कहां से मंगाया जा रहा था।
कांकेर से मिला सुराग: नशे की खेप के साथ पकड़ा गया था युवक
इस पूरी कार्रवाई की नींव पड़ोसी जिले कांकेर में पड़ी। वहां की पुलिस ने एक युवक को संदिग्ध हालत में प्रतिबंधित ‘डायनाकॉम कोडीन’ सिरप की बोतलों के साथ दबोचा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने यह नशीला सिरप धमतरी के सुश्रुत मेडिकल से खरीदा है। कांकेर पुलिस ने तुरंत इसकी जानकारी धमतरी पुलिस को दी, जिसके बाद दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त रणनीति बनाकर इस मेडिकल स्टोर की घेराबंदी शुरू की।
पाइंटर भेजकर बिछाया जाल: बिना पर्ची के मिलीं 10 बोतलें
धमतरी सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि पुख्ता सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने एक ‘पाइंटर’ (फर्जी ग्राहक) को सुश्रुत मेडिकल भेजा। पाइंटर ने बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के दवा की मांग की। हैरान करने वाली बात यह रही कि मेडिकल स्टोर ने बिना किसी सवाल-जवाब के उसे डायनाकॉम कोडीन सिरप की 9 से 10 बोतलें थमा दीं। इशारा मिलते ही कांकेर पुलिस, धमतरी ड्रग इंस्पेक्टर और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने दुकान पर दबिश दी और स्टॉक रजिस्टर के साथ छेड़छाड़ की आशंका में दुकान को सील कर दिया।
क्या है कोडीन: दर्द की दवा जो बन जाती है जानलेवा नशा
कोडीन मूल रूप से एक ओपिओइड (Opioid) श्रेणी की दवा है, जिसका उपयोग गंभीर खांसी और मध्यम स्तर के दर्द के इलाज में किया जाता है। चिकित्सा विज्ञान में इसे केवल डॉक्टर की सख्त निगरानी और लिखित पर्ची पर ही देने का नियम है। यह सीधे मस्तिष्क के उन हिस्सों पर असर डालता है जो खांसी को नियंत्रित करते हैं। हालांकि, इसका जरूरत से ज्यादा या बिना डॉक्टरी सलाह के इस्तेमाल नशा पैदा करता है। अधिक मात्रा में सेवन करने से व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है और यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
सप्लाई चेन पर पुलिस की नजर: कहां से आ रहा था माल?
पुलिस अब इस मामले के बैकवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी है। सुश्रुत मेडिकल स्टोर ने इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप कहां से और किस होलसेलर से खरीदा, इसकी जांच की जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर की टीम दुकान के बिल और स्टॉक एंट्री की फाइलें खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक दुकान का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम कर सकता है जो युवाओं को नशे की लत में धकेल रहा है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: नियम तोड़ने वाले मेडिकल स्टोर्स पर होगी जेल
इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को कड़ी चेतावनी जारी की है। ड्रग इंस्पेक्टर ने साफ किया है कि शेड्यूल-H1 के अंतर्गत आने वाली दवाओं को बिना पर्ची के बेचना कानूनन अपराध है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य संदिग्ध दवा दुकानों की भी औचक जांच की जा सकती है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि अगर उनके आसपास कोई भी दुकान इस तरह की नशीली दवाएं बेचती पाई जाती है, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय थाने को दें।



