CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें भिलाई में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का बड़ा खुलासा, मृत व्यक्ति के नाम पर जारी हुआ प्रमाण पत्र; मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से वनांचल के गांवों को राहत, छात्रों-मरीजों की बदली जिंदगी; हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 67 सब-इंजीनियरों की नियुक्ति रद्द; राजिम हिंसा मामले में मुस्लिम जमात की मांग, मुख्य आरोपी आरिफ को जिला बदर किया जाए; रायपुर-दुर्ग के बीच सफर होगा स्मूथ, ₹77.36 करोड़ से बनेंगे दो नए ग्रेड सेपरेटर; हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, ‘नाजायज’ संतान को भी पिता से मिलेगा भरण-पोषण; दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी के 16 आरोपी गिरफ्तार; बिलासपुर में पैसों की बारिश दिखाकर 2.50 लाख की ठगी, हाईवे पर तांत्रिक की फिल्मी पिटाई; प्राइवेट स्कूलों की लोकल परीक्षाएं अब DEO की निगरानी में, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला; अस्पतालों पर फायर एनओसी का आर्थिक बोझ, नियमों में राहत की मांग समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे।
फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का धंधा: मृत व्यक्ति के नाम पर जारी हुआ प्रमाण पत्र
भिलाई के सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। यहाँ मोटी रकम लेकर बिना मरीज के पहुंचे ही मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। मामला तब खुला जब अस्पताल के अधीक्षक ने एक ऐसे व्यक्ति (गणेश राम) के नाम पर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया, जिसकी मृत्यु अप्रैल 2024 में ही हो चुकी थी। शिकायत के बाद सीएमएचओ ने अस्पताल प्रभारी से जवाब तलब किया है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: वनांचल के गाँवों तक पहुँची सरकारी बसें
साय सरकार की ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ सुदूर वनांचल क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। सरगुजा जिले के कई दूरस्थ गांवों को जिला मुख्यालय और अस्पतालों से जोड़ दिया गया है। इससे पहले जिन छात्रों को 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, अब उनके घर के पास से बस गुजर रही है। स्वास्थ्य कर्मियों और विद्यार्थियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 67 सब-इंजीनियरों की नियुक्ति रद्द
हाईकोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की 2011 की सब-इंजीनियर भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता पाते हुए 67 नियुक्तियों को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आवेदन की अंतिम तिथि तक जिनके पास निर्धारित शैक्षणिक योग्यता नहीं थी, उनकी नियुक्ति शुरू से ही शून्य (Void ab initio) मानी जाएगी। 14 साल तक सेवा में रहने के बाद यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका है।
राजिम हिंसा मामला: मुस्लिम जमात ने की मुख्य आरोपी आरिफ को जिला बदर करने की मांग
राजिम के दुतकैया गांव में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद शांति समिति की बैठक हुई। मुस्लिम जमात के प्रतिनिधियों ने घटना की निंदा करते हुए मुख्य आरोपी आरिफ खान को गांव और जिले से बाहर करने की मांग की है। आरिफ के जेल से छूटने के बाद ग्रामीणों से मारपीट करने पर तनाव फैल गया था, जिसके बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात है।
रायपुर-दुर्ग के बीच ट्रैफिक होगा स्मूथ: 77.36 करोड़ से बनेंगे दो नए ग्रेड सेपरेटर
राजधानी रायपुर और ट्विन सिटी भिलाई-दुर्ग के बीच सफर करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। एनएच-53 पर सिरसा गेट और खुर्सीपार चौक पर ग्रेड सेपरेटर (फ्लाईओवर) बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राशि स्वीकृत कर दी है। इसके बनने के बाद रायपुर से दुर्ग के बीच कहीं भी सिग्नल पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है।
हाईकोर्ट की टिप्पणी: ‘नाजायज’ संतान को भी देना होगा भरण-पोषण
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत अवैध संतान भी अपने पिता से गुजारा भत्ता पाने की हकदार है। मामला बेमेतरा का था जहाँ पति ने यह कहते हुए बच्चे को पालने से मना कर दिया था कि वह उसका जैविक पुत्र नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कानून का उद्देश्य बच्चों को बेसहारा होने से बचाना है, इसलिए पिता अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी के 16 आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग जिले की मोहन नगर पुलिस ने साइबर अपराधों में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए अपने खाते किराए पर देते थे। इन खातों के जरिए करीब 10.67 लाख रुपये की ठगी की राशि का ट्रांसफर हुआ था। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ओटीपी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
पैसों की बारिश दिखाकर लाखों की ठगी, हाईवे पर लुटेरों की फिल्मी स्टाइल में पिटाई
बिलासपुर के बिल्हा क्षेत्र में ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक कथित तांत्रिक विजय कुमार राज ने ‘पैसों की बारिश’ का झांसा देकर कोरिया के चार युवकों से 2.50 लाख रुपये ठग लिए। तांत्रिक ने सरपंच पति के घर पर एक अनुष्ठान का नाटक रचा और वीडियो बनाकर दिखाया कि कैसे पूजा के बाद ऊपर से नोटों की गड्डी गिरने लगती है। इस फर्जीवाड़े में तांत्रिक के साथ तीन महिलाएं और सरपंच पति भी शामिल थे। जब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने भाग रहे तांत्रिक को हाईवे पर रोककर फिल्मी स्टाइल में उसकी जमकर धुनाई कर दी। पुलिस ने ठगी करने वाले गिरोह और मारपीट करने वाले पीड़ितों, दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारियां की हैं।
प्राइवेट स्कूलों की लोकल परीक्षाएं अब DEO के जिम्में
छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्राइवेट स्कूलों की स्थानीय कक्षाओं (कक्षा 1ली से 4थी, 6वीं, 7वीं, 9वीं और 11वीं) की वार्षिक परीक्षाएं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की निगरानी में होंगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर मूल्यांकन तक की जिम्मेदारी अब जिला स्तरीय समितियों की होगी। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना और सभी स्कूलों में मूल्यांकन का एक समान मापदंड स्थापित करना है। सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों को इस दायरे से बाहर रखा गया है।
अस्पतालों पर ‘फायर एनओसी’ का आर्थिक बोझ: सचिव को पत्र
छत्तीसगढ़ के अस्पतालों ने नई फायर एनओसी गाइडलाइन पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। ‘एएचपीआई’ छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने गृह सचिव हिमशिखर गुप्ता को पत्र लिखकर नियमों में सुधार की मांग की है। नए नियमों के अनुसार, छोटे क्लीनिक से लेकर बड़े अस्पतालों को हर साल थर्ड पार्टी ऑडिटर से एनओसी लेना अनिवार्य है, जिसका शुल्क 10 रुपये प्रति वर्ग फुट तक वसूला जा रहा है। एक 200 बेड वाले अस्पताल के लिए यह सालाना खर्च करीब 4 लाख रुपये बैठता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह आर्थिक बोझ स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रहा है और इसे मध्य प्रदेश की तर्ज पर सरल बनाया जाना चाहिए।



