
छत्तीसगढ़ में जमीन और मकानों की सरकारी कीमतों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने जिला मूल्यांकन समितियों से मिले प्रस्तावों के आधार पर संपत्ति की गाइडलाइन दरों में संशोधन को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की हालिया बैठक में लिया गया है। प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक ये संशोधित दरें आज से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगी। इसका सीधा असर रजिस्ट्री के समय चुकाए जाने वाले स्टाम्प शुल्क पर पड़ेगा जिससे आने वाले दिनों में संपत्ति खरीदना महंगा हो सकता है।
रायपुर और कोरबा के प्रस्तावों को मिली प्राथमिकता
महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार यह पुनरीक्षण “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम 2000” के तहत किया गया है। बैठक में विशेष रूप से रायपुर और कोरबा जिलों से आए मूल्यांकन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।

इन जिलों के कलेक्टरों और जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्षों को संशोधित दरों की सूची भेज दी गई है ताकि वे इसे लागू करने की आवश्यक तैयारी पूरी कर सकें। सरकार का उद्देश्य बाजार की वास्तविक कीमतों और सरकारी गाइडलाइन के बीच के अंतर को कम करना है ताकि राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।



