
प्रशासन में आईएएस अधिकारियों के तबादलों के बाद अब पुलिस महकमे में बड़ी सर्जरी की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार जल्द ही आईपीएस अधिकारियों की एक नई तबादला सूची जारी करने वाली है। पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक इस फेरबदल को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि इस महीने के अंत तक पुलिस अधिकारियों के तबादले की आधिकारिक लिस्ट सामने आ सकती है, जिसमें फील्ड पर तैनात कई चेहरों को बदला जा सकता है।
आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज
IPS अधिकारियों की इस संभावित सूची में केवल पुलिस अधीक्षक ही नहीं, बल्कि आईजी और डीआईजी स्तर के बड़े अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। हाल ही में सरकार ने 6 जिलों के कलेक्टर बदले हैं, जिसके बाद कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस कप्तानों को बदलने का दबाव बढ़ गया है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि जिन जिलों में अपराध की दर बढ़ी है या पुलिसिंग सुस्त रही है, वहां के अधिकारियों को हटाकर नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम के चलते मचेगी हलचल
पुलिस कमिश्नर प्रणाली का रायपुर में लागू होना अब लगभग तय माना जा रहा है। जनवरी से प्रभावी होने वाली इस व्यवस्था के कारण पूरे राज्य की पुलिस संरचना में बदलाव दिखेगा। नए सिस्टम के तहत आईजी रैंक के अधिकारी को राजधानी का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया जा सकता है। इसके अलावा एडिशनल पुलिस कमिश्नर और डीसीपी के पदों को भरने के लिए जिलों में पदस्थ काबिल आईपीएस अफसरों को रायपुर बुलाया जाएगा। इस नई व्यवस्था के कारण कई जिलों के एसपी के पदों में बड़ा उलटफेर होना तय है।
पदस्थापना के लिए आला अफसरों के बीच बढ़ी दौड़-धूप
ट्रांसफर सूची जारी होने की भनक लगते ही पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है। कई अफसर अपनी पसंद के जिलों या राजधानी में मलाईदार पोस्टिंग पाने के लिए कोशिशें कर रहे हैं। सरकार का मुख्य ध्यान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और औद्योगिक शहरों में तेजतर्रार अधिकारियों को तैनात करने पर है। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी सूची को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उम्मीद है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से राज्य की कानून व्यवस्था को एक नई गति मिलेगी और पुलिसिया कामकाज में कसावट आएगी।



