Bemetara Raman Singh Video: मैंने अपने 15 साल के कार्यकाल में ऐसी अव्यवस्था कभी नहीं देखा, सीएम साय के सामने भड़के विधानसभा अध्यक्ष: डॉ. रमन सिंह

Bemetara Raman Singh Video: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। कार्यक्रम के दौरान हुई भारी अव्यवस्था और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बेहद नाराज नजर आए। आयोजन के दौरान हुई इस प्रशासनिक चूक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब अचानक मौसम खराब हो गया और तेज आंधी-बारिश के कारण पूरे पंडाल में अफरा-तफरी मच गई, जिससे मुख्य कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन, मंच पर स्वागत की सही व्यवस्था नहीं

इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डिप्टी सीएम अरुण साव समेत प्रदेश मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य शामिल होने पहुंचे थे। इतने बड़े वीआईपी मूवमेंट के बावजूद मंच पर जनप्रतिनिधियों के स्वागत-सम्मान के लिए तय प्रोटोकॉल के मुताबिक सही व्यवस्था नहीं की गई थी। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई इस घोर लापरवाही को देखकर डॉ. रमन सिंह का पारा चढ़ गया। उन्होंने जिले के कलेक्टर और एसपी को सार्वजनिक रूप से आड़े हाथों लेते हुए प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।

तेज आंधी-बारिश से पंडाल में मची अफरा-तफरी, सिर पर कुर्सियां रखकर खुद को बचाते दिखे लोग

सामूहिक विवाह के साथ-साथ इस कार्यक्रम में कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी होना था, जिसके लिए भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और नवदंपति जुटे थे। इसी बीच अचानक तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। प्रशासन द्वारा वॉटरप्रूफ डोम या पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न किए जाने के कारण पंडाल के भीतर पानी भरने लगा। हालात इतने बेकाबू हो गए कि कार्यक्रम में शामिल होने आए लोग बारिश से बचने के लिए प्लास्टिक की कुर्सियों को अपने सिर पर रखकर खुद को छुपाते नजर आए। इस बदइंतजामी के चलते आखिरकार लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम को बीच में ही रद्द करना पड़ा।

रेस्ट हाउस में बंद कमरे में लगी क्लास, रमन सिंह बोले- मुख्यमंत्री का पीछे से स्वागत करना लापरवाही

मुख्य पंडाल में कार्यक्रम प्रभावित होने के बाद वीआईपी अतिथियों के लिए स्थानीय रेस्ट हाउस में एक संक्षिप्त बैठक रखी गई थी। इस बैठक के दौरान भी डॉ. रमन सिंह का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने कलेक्टर-एसपी को अपने केबिन में तलब किया। उन्होंने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और आधा दर्जन मंत्री जिले में मौजूद हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और गरिमा को लेकर प्रशासन जरा भी गंभीर नहीं दिखा। उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पीछे से स्वागत किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत तरीका है।

ढाई घंटे बीतने के बाद भी अधिकारी नहीं कर पाए वैकल्पिक इंतजाम, मंत्रियों को करना पड़ा इंतजार

विधानसभा अध्यक्ष ने इस बात पर भी गहरी आपत्ति जताई कि मौसम खराब होने की चेतावनी के बावजूद जिला प्रशासन के पास बैकअप प्लान तैयार नहीं था। मुख्य मैदान में पानी भरने के बाद अधिकारियों को तुरंत किसी बंद सभागार या इनडोर स्टेडियम में कार्यक्रम शिफ्ट करना चाहिए था। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ढाई घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अफसर किसी दूसरी जगह की व्यवस्था नहीं कर पाए। मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री घंटों तक इंतजार करते रहे, जिससे ऐसा लग रहा था कि अधिकारियों को इस बड़े आयोजन की संवेदनशीलता का अंदाजा ही नहीं था।

15 साल मुख्यमंत्री रहने का दिया हवाला, कहा- इस घटना से शायद कुछ सबक सीखेंगे अफसर

अपने लंबे राजनैतिक और प्रशासनिक अनुभव का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उन्होंने लगातार 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ के मुखिया के रूप में सरकार चलाई है, लेकिन अपने पूरे सेवाकाल में उन्होंने शासकीय स्तर पर ऐसी बदइंतजामी कभी नहीं देखी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो बातें गलत थीं, उन्हें टोकना बेहद जरूरी था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चलिए अच्छा है कि यह घटना हो गई, इस बड़ी फजीहत के बाद शायद जिले के प्रशासनिक अधिकारी भविष्य के लिए कोई सबक सीख पाएंगे।

विपक्ष को मिला बैठे-बिठाए मुद्दा, प्रशासनिक अमले में मची खलबली

सत्तापक्ष के शीर्ष नेताओं द्वारा अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र को इस तरह सरेआम डांटने के बाद स्कूल शिक्षा और गृह विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों को भी सरकार के खिलाफ प्रशासनिक ढिलाई और कुप्रबंधन के मुद्दे पर घेराबंदी करने का एक बड़ा मौका मिल गया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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