
छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार और संगठन के बीच समन्वय बनाने के लिए कुशाभाऊ ठाकरे परिसर (भाजपा मुख्यालय) में ‘सहयोग केंद्र’ एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। पिछले तीन महीनों से यह केंद्र बंद पड़ा था, जिससे कार्यकर्ता और आम लोग अपनी फरियाद लेकर मंत्रियों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। इससे पहले अक्टूबर में इसे शुरू किया गया था, लेकिन दिवाली की छुट्टियों के चलते महज दो हफ्ते बाद ही इसे स्थगित कर दिया गया। अब पार्टी ने तय किया है कि 3 से 6 फरवरी तक अलग-अलग विभागों के मंत्री यहां बैठकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे।
समाधान के लिए मंत्रियों का बना रोस्टर
सहयोग केंद्र के संचालन के लिए बीजेपी ने मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों का एक व्यवस्थित शेड्यूल तैयार किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनता की उन समस्याओं को सुलझाना है जो निचले स्तर पर अटकी रहती हैं। पिछली बार जब यह केंद्र खुला था, तब महज 14 दिनों में ही 1,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग 500 शिकायतों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया था। इसी सफलता को देखते हुए अब राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर इसे फिर से नियमित किया जा रहा है।
पहले दिन स्वास्थ्य मंत्री संभालेंगे मोर्चा
जनदर्शन की शुरुआत 3 फरवरी से होगी, जहां सबसे पहले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल लोगों से रूबरू होंगे। उनके साथ बीजेपी प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय भी उपस्थित रहेंगे ताकि संगठनात्मक विषयों पर भी चर्चा हो सके। 4 फरवरी को कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल और प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी सहयोग केंद्र में मौजूद रहेंगे। मंत्री सीधे जनता से आवेदन लेंगे और संबंधित विभाग के अधिकारियों को टेलीफोन के जरिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश देंगे।
श्रम और खाद्य मंत्रियों की भी लगेगी ड्यूटी
सहयोग केंद्र के तीसरे दिन यानी 5 फरवरी को श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन और यशवंत जैन मोर्चा संभालेंगे। वहीं 6 फरवरी को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू मौजूद रहेंगी। राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना और मजदूरी भुगतान जैसे मुद्दों को लेकर लोग सीधे खाद्य मंत्री से मिल सकेंगे। यह केंद्र सुबह से दोपहर तक संचालित होगा, जिसमें कोई भी नागरिक अपनी जायज मांग या शिकायत लेकर पहुंच सकता है।
कार्यकर्ताओं और जनता के बीच बढ़ेगा संवाद
बीजेपी संगठन का मानना है कि इस केंद्र के जरिए सरकार की योजनाओं का फीडबैक सीधे जनता से मिल पाएगा। कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोगों को मंत्रियों से मिलने का मौका नहीं मिल पाता, ऐसे में सहयोग केंद्र एक सेतु का काम करेगा। मंत्रियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे केवल आवेदन न लें, बल्कि उन पर हुई कार्रवाई की प्रगति भी जांचें। इस कदम से न केवल कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है, बल्कि आम जनता को भी राहत मिलने की उम्मीद है।



