
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा कदम उठाया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से संबंधित जांच में पूछताछ के लिए समन भेजा गया है। ईडी ने 15 मार्च को चैतन्य बघेल को अपने दफ्तर में तलब किया है, जहां उनसे शराब घोटाले से जुड़ी पूछताछ की जाएगी।
सोमवार को 14 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
सोमवार को ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें भिलाई-3 स्थित वसुंधरा नगर और रायपुर में उनके निवास स्थान शामिल थे। इस दौरान ईडी ने दो गाड़ियों में टीम भेजकर कई दस्तावेजों की जांच की और कुछ फाइलें भी जब्त की। साथ ही, पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल से भी पूछताछ की गई। यह छापेमारी राज्यभर में 14 स्थानों पर हुई थी।
ईडी की प्रेस नोट में शराब घोटाले की जानकारी
ED ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले से जुड़े मामले में 14 स्थानों पर तलाशी ली गई है। इनमें चैतन्य बघेल का आवास और उनके करीबी सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल का भी घर शामिल था। ईडी के मुताबिक, चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से उत्पन्न अपराध की आय का लाभ प्राप्त किया था, जो करीब 2161 करोड़ रुपये तक का है। इस राशि को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निकाला गया था।
6 मोबाइल जब्त, जांच जारी
ED के अधिकारियों ने इस छापेमारी में 6 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनमें सिम कार्ड भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन मोबाइलों में की गई बातचीत के डिटेल्स की जांच की जाएगी, ताकि मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकें।
राजनीति में हलचल
भूपेश बघेल के परिवार पर ईडी की छापेमारी को लेकर राज्यभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया है, जबकि भाजपा ने इसे कानून के तहत की गई कार्रवाई बताया है। अब यह देखना होगा कि इस मामले की जांच में और क्या नए खुलासे होते हैं और क्या कांग्रेस और भाजपा के बीच और बयानबाजी होती है।
आगे क्या होगा?
चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद इस मामले में और क्या तथ्य सामने आएंगे, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है।
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