
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम रूपपुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल में पदस्थ प्रधानपाठक मनमोहन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह नशे की हालत में स्कूल पहुंचा और टेबल पर रखी किताबों पर पैर रखकर बैठा नजर आया।

चड्डा और टी-शर्ट पहनकर पहुंचा स्कूल
वीडियो में दिख रहा है कि शिक्षक भगवा रंग की चड्डी और टी-शर्ट पहनकर स्कूल पहुंचा। नशे में होने की वजह से उसकी जुबान लड़खड़ा रही थी। इसके बावजूद वह बच्चों को पढ़ाने की कोशिश करता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब वह शराब पीकर स्कूल आया हो। पहले भी कई बार ऐसी शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन हर बार सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
किताबों पर रखा पैर, बोला- डॉक्टर की सलाह पर पीता हूं शराब
जब प्रधानपाठक से शराब पीने और इस हालत में स्कूल आने के बारे में पूछा गया तो उसने जवाब दिया कि उसका एक्सीडेंट हो चुका है और डॉक्टर ने उसे 100 से 200 ग्राम शराब रोज पीने की सलाह दी है। तभी वह चल-फिर सकता है। इस बयान ने न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई की भी मांग को तेज कर दिया है।
ग्रामीणों ने पहले भी की थी शिकायत
रूपपुर गांव के लोगों का कहना है कि प्रधानपाठक की शराब की आदत पुरानी है। कई बार उन्होंने स्कूल में शराब पीकर आने की शिकायत विभाग को की है। शिक्षा विभाग की ओर से अब तक केवल चेतावनी और नोटिस दिए गए हैं, कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

बीईओ ने की सस्पेंशन की सिफारिश
वाड्रफनगर बीईओ श्याम किशोर जायसवाल ने बताया कि वायरल वीडियो की पुष्टि होने के बाद प्रधानपाठक को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट तैयार कर डीईओ और कलेक्टर को भेज दी गई है, जिसमें सस्पेंशन की सिफारिश की गई है।

शिक्षा विभाग और प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने शिक्षा विभाग की निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। जिस शिक्षक पर पहले से शिकायतें दर्ज हैं, उसे लगातार स्कूल में बनाए रखना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है।



