
रायपुर: Surendra Dubey Book Launch Raipur: प्रसिद्ध हास्य कवि और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. सुरेंद्र दुबे की जयंती के मौके पर उनकी अंतिम पुस्तक ‘मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूं’ का विमोचन शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य के कई प्रमुख नेता, जनप्रतिनिधि और साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
Main Chhattisgarh Bolta Hoon: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुस्तक विमोचन के बाद डॉ. दुबे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “आज हम एक ऐसे कवि को याद कर रहे हैं, जिन्होंने न सिर्फ छत्तीसगढ़ी भाषा को गौरव दिलाया, बल्कि हास्य के माध्यम से समाज को जागरूक करने का काम किया। उनकी कविताओं में गहराई थी, लेकिन वे उसे बेहद सहज और मनोरंजक तरीके से लोगों तक पहुंचाते थे।”
सीएम साय ने यह भी कहा कि सरकार भविष्य में डॉ. दुबे के सम्मान में कोई ठोस पहल जरूर करेगी, ताकि उनकी स्मृति और योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।

छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए समर्पित रहा जीवन
Surendra Dubey Last Book: मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरेंद्र दुबे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी रचनाएं और विचार हमेशा जीवित रहेंगे। “वे एक ऐसे साहित्यकार थे, जिन्होंने देशभर में छत्तीसगढ़ी भाषा को पहचान दिलाई। उनकी कविताएं केवल हंसी नहीं लाती थीं, बल्कि उनमें समाज के प्रति एक संवेदनशील दृष्टिकोण भी होता था,”

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की हस्तियां रहीं मौजूद
इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद विजय बघेल, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा और विधायक गुरु खुशवंत साहेब भी शामिल हुए। सभी ने डॉ. दुबे के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी रचनाएं आने वाले समय में भी समाज को दिशा देती रहेंगी।
Also Read: Mahapurush Of Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के प्रमुख महापुरुष: जिनके योगदान ने राज्य को नई दिशा दी



