
CG High Court on Rationalization: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के समायोजन को लेकर जारी विवाद अब बिलासपुर हाईकोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है। वरिष्ठ शिक्षकों को अतिशेष घोषित कर बिना उचित प्रक्रिया स्थानांतरित किए जाने के ख़िलाफ़ चंद्रभान वर्मा, अपर्णा त्रिपाठी और गायत्री वर्मा ने याचिका दायर की है।
सीनियर शिक्षकों को शीर्षस्थ अधीनस्थ घोषित कर भेजा अजीबो‑गरीब समायोजन
CG Teacher Rationalization: याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि स्कूल में कार्यरत कनिष्ठ शिक्षकों की तुलना में उन्हें वरिष्ठ होने पर भी अतिशेष घोषित कर दिया गया। अधिवक्ता संदीप दुबे ने दावा किया कि समायोजन के दौरान छात्र गुरु संबंध और वरिष्ठता को बाख़ूब नजरअंदाज़ किया गया, और युक्तियुक्त निर्देशन (02‑08‑2024) के तहत खंड 7(सी)(3) का उल्लंघन हुआ, जो न्याय के ख़िलाफ़ है।
सरकारी तर्क: शिकायत है तो समिति में दर्ज करें आवेदन
CG Teacher Yuktiyuktkaran: राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय ने कहा कि सभी स्थानांतरण सरकारी दिशानिर्देशों व दस्तावेज़ों के आधार पर ही किए गए हैं। यदि किसी शिक्षक को आपत्ति हो तो वे संभागीय युक्तियुक्तकरण समिति (Divisional Rationalisation Committee) में आवेदन कर सकते हैं। इसके अनुसार समिति निर्णय लेगी।
हाईकोर्ट की सुनवाई में आदेश: 25 जून को सुनवाई और जल्द फैसला
हाईकोर्ट की एकल पीठ (जस्टिस रविंद्र अग्रवाल) ने विवाद के गंभीर स्वरूप को देखते हुए याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। निर्देशित किया गया है कि वे आगामी एक सप्ताह में संभागीय युक्तियुक्तकरण अधिकारी (जेडी) रायपुर के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत करें और 25 जून को समिति के समक्ष उपस्थित हों। समिति को फिर अगले सात कार्यदिवसों में खंड 7(सी)(3) के अनुसार अपना निर्णय देना होगा।
हजारों शिक्षकों को छाया असमंजस
रैशनलाइजेशन विवाद में हजारों शिक्षक शामिल हैं, जिन्हें बिना सुनवाई तथा स्पष्ट कारणों के अतिशेष घोषित करके स्थानांतरित कर दिया गया। इससे न केवल उनकी नौकरी की स्थिरता पर असर पड़ेगा, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी समस्या आ सकती है। हाईकोर्ट में दायर यह याचिका उन्हीं की आवाज़ बनकर सामने आ रही है।
अब क्या होगा आगे?
- शिक्षक समिति के समक्ष आवेदन देंगे और 25 जून को सुनवाई में हिस्सा लेंगे।
- समिति सात कार्यदिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
- हाईकोर्ट निर्णय के आधार पर अगला कदम तय करेगा, संभवतः प्रक्रिया रद्द या बनाई जाएगी नई व्याख्या।



