
रायपुर: Solar City Raipur: नवा रायपुर को अब देश की अगली ‘सोलर सिटी’ बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने इसके लिए राज्य सरकार से 65 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता की मांग की है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो मंत्रालय, इंद्रावती भवन, पुलिस मुख्यालय, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख सरकारी परिसरों को जल्द ही सौर ऊर्जा से बिजली मिलने लगेगी।
सौर संयंत्र की योजना
इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में 10 मेगावॉट क्षमता के ग्रिडकनेक्टेड सौर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे हर साल लगभग 160 लाख यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। उत्पादित बिजली सीधे पावर ग्रिड में जाएगी, जिससे सरकारी परिसरों के स्ट्रीट लाइट्स, एयर कंडीशनिंग और अन्य उपकरणों के खर्च में कमी आएगी। इसका मतलब है कि सरकारी बिलों में काफी बचत होगी।
खेल और यातायात केंद्र भी होंगे सौर ऊर्जा से रोशन
इस योजना के तहत नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और रेलवे स्टेशन को भी सौर ऊर्जा से रोशन करने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त, एनआरडीए क्षेत्र में आरक्षित भूमि पर बड़े सौर संयंत्र लगाने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।
2030 तक अक्षय ऊर्जा लक्ष्य में योगदान
यह योजना न केवल नवा रायपुर के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह भारत सरकार के 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करेगी। क्रेडा द्वारा पहले ही मंत्रालय, इंद्रावती भवन, व्यापमं और पुलिस मुख्यालय जैसी कई सरकारी इमारतों में 2.5 मेगावॉट के सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
सोलर सिटी योजना की विशेषताएँ
- योजना लागत: 65 करोड़ रुपए
- संभावित उत्पादन: 160 लाख यूनिट प्रति वर्ष
- क्षमता: 10 मेगावॉट (ग्रिड कनेक्टेड)
- स्थान: मंत्रालय, इंद्रावती भवन, पुलिस मुख्यालय, क्रिकेट स्टेडियम, रेलवे स्टेशन
- फायदा: सरकारी भवनों के बिजली बिल में कटौती, स्ट्रीट लाइट्स और अन्य उपकरणों के खर्च में कमी
- लक्ष्य: भारत सरकार के 2030 तक 500 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्य में योगदान
इस प्रकार, नवा रायपुर की सौर ऊर्जा योजना एक नई दिशा में कदम बढ़ाती हुई नजर आ रही है, जो न केवल ऊर्जा संकट को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



