अब छत्तीसगढ़ पुलिस की भाषा होगी आसान: उर्दू-फारसी के 108 मुश्किल शब्द हटेंगे, आम लोगों की समझ में आएगी FIR

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस व्यवस्था को जनता के लिए और ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाने का बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर अब पुलिस में इस्तेमाल होने वाले जटिल उर्दू-फारसी शब्दों को हटा कर उनकी जगह आम जनता के लिए आसान, सरल हिंदी शब्दों का प्रयोग किया जाएगा।

क्यों जरूरी था बदलाव?

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साफ कहा कि जब कोई आम आदमी थाने शिकायत दर्ज कराने या अन्य काम के लिए जाता है, तो अक्सर पुलिस की भाषा इतनी कठिन होती है कि उसे समझने में दिक्कत होती है। एफआईआर या अन्य दस्तावेजों में इस्तेमाल होने वाले उर्दू-फारसी के शब्द आम लोगों के लिए नए और अनजाने होते हैं। इससे न तो वे अपनी बात ठीक से समझा पाते हैं और न ही पूरी प्रक्रिया को समझ पाते हैं। इसलिए भाषा को सरल बनाना बेहद जरूरी था ताकि पुलिस और जनता के बीच भरोसा बढ़े।

पुलिस विभाग को दिए गए सख्त निर्देश

उपमुख्यमंत्री के आदेश पर पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि पुलिस के कामकाज में उपयोग होने वाले कठिन और पारंपरिक शब्दों को हटाकर उनकी जगह स्पष्ट और सरल हिंदी के विकल्प अपनाए जाएं। इसके लिए 108 शब्दों की एक सूची भी तैयार की गई है, जिसमें पुराने शब्दों के आसान विकल्प दिए गए हैं।

जनता की भाषा में होगी पुलिस की बातचीत

इस बदलाव से पुलिस न केवल कानून लागू करने वाली एजेंसी बनेगी बल्कि जनता से संवाद का भी बेहतर माध्यम बनेगी। शिकायतकर्ता अब अपनी बात को आसानी से समझा सकेंगे और पुलिस भी उनकी बात को बेहतर तरीके से समझ पाएगी। एफआईआर जैसी प्रक्रियाएं, जो पहले केवल पुलिस कर्मियों या वकीलों को समझ आती थीं, अब आम जनता के लिए भी पूरी तरह स्पष्ट और बोधगम्य होंगी।

उम्मीद की नई किरण

इस पहल से छत्तीसगढ़ पुलिस की छवि में सुधार होगा और लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस की भाषा जनता के साथ जुड़ाव और उनकी मदद करने की भावना को दर्शाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि पुलिस सेवा जनता की सेवा बन जाए, न कि केवल एक प्रशासनिक संस्था।

छत्तीसगढ़ में अब पुलिस की भाषा में हो रहा है बदलाव — उर्दू-फारसी के कठिन शब्दों को हटाकर उनकी जगह सरल हिंदी का उपयोग होगा ताकि हर आम नागरिक पुलिस से जुड़ी हर बात को आसानी से समझ सके और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास बढ़े।

पुलिस की इन शब्दों में होगा बदलाव-

यह रहा आपकी तालिका का पुनर्लेखित और व्यवस्थित रूप, जो साफ़, पढ़ने में आसान और उपयोगी है:

क्रमांकपुराना शब्दआसान हिंदी अर्थ
1अदम तामीलसूचित न होना
2इन्द्राजटंकन
3खयानतहड़पना
4गोश्वारानक्शा
5दीगरदूसरा
6नकबजनीसेंध
7माल मशरूकालूटी/चोरी गई संपत्ति
8मुचलकाव्यक्तिगत बंध पत्र
9रोजनामचासामान्य दैनिकी
10शिनाख्तपहचान
11शहादतसाक्ष्य
12शुमारगणना
13सजायाफ्तादंडित
14सरगनामुखिया
15सुरागखोज
16साजिशषड्यंत्र
17अदालत दिवानीसिविल न्यायालय
18फौजदारी अदालतआपराधिक न्यायालय
19इकरारनामाप्रतिज्ञा पत्र
20बनामके विरुद्ध
21इस्तीफात्याग पत्र
22कत्लहत्या
23कयासअनुमान
24खसराक्षेत्र पंजी
25खतौनीभूमि रिकॉर्ड
26गुजारिशनिवेदन
27जब्तकब्जे में लेना
28जमानतदारगारंटर
29जमानतगारंटी
30जरायमअपराध
31जबरनबलपूर्वक
32जरायम पेशापेशेवर अपराधी
33जायदादे मशरूकाजब्त संपत्ति
34दाखिल खारिजनामांतरण
35सूदब्याज
36हुजूरमहोदय/श्रीमान
37हुलियाशारीरिक पहचान
38हर्जानाक्षतिपूर्ति
39हलफनामाशपथ पत्र
40दफाधारा
41फरियादीशिकायतकर्ता
42मुत्तजर्ररघायल
43इत्तिलानामासूचना पत्र
44कलमबंद करनान्यायालय में कथन देना
45गैरहाजिरीअनुपस्थिति
46चस्पाचिपकाना
47चश्मदीदप्रत्यक्षदर्शी
48जलसाजीकूटरचना
49जिला बदरक्षेत्र से निष्कासन
50जामतलाशीवस्त्रों की तलाशी
क्रमांकपुराना शब्दआसान हिंदी अर्थ
51वारदातघटना
52साकिनपता
53जायतैनातीनियुक्ति स्थान
54हाजायह स्थान / परिसर
55मातहतअधीनस्थ
56जेल हिरासतजेल में रखना / अभिरक्षा
57फौतीमृत्यु सूचना
58इस्तगासाशिकायत / आवेदन
59मालफड़जुआ सामग्री की बरामदगी
60अर्दलीसहायक / हलकारा
61किल्लत मुलाजमानस्टाफ की कमी
62तामील कुनन्दासूचना पहुंचाने वाला
63इमदादसहायता
64नजूलसरकारी ज़मीन
65फरारभागा हुआ व्यक्ति
66फिसदीप्रतिशत
67फेहरिस्तसूची
68फौतमृत्यु
69बयानकथन / विवरण
70बेदखलीजबरन निकाला जाना
71मातहतअधीन
72मार्फतद्वारा / माध्यम से
73मियादअवधि
74रकबाक्षेत्रफल
75कास्तकारकिसान / कृषक
76नाजिरव्यवस्थापक
77अमीनराजस्व सहायक अधिकारी
78राजीनामासमझौता पत्र
79वारदातघटना
80संगीनगंभीर
81विरासतउत्तराधिकार
82वसियतवसीयत / हस्तांतरण लेख
83वसूलीउगाही / वसूल करना
84शिनाख्तपहचान
85सबूतप्रमाण / साक्ष्य
86दस्तावेजअभिलेख / कागज़ात
87कयासअनुमान
88सजादंड
89सनदप्रमाण पत्र
90सुलहनामासमझौता पत्र
91अदम चौकगैर-संज्ञेय अपराध
92कैदखानाजेल / बंदीगृह
93तफतीश / तहकीकातजांच / विवेचना
94आमद / रवाना / रवानगीआगमन / प्रस्थान
95कायमीपंजीकरण
96तहरीरलिखित विवरण
97इरादतनजानबूझकर
98खारिज / खारिजी / रद्दअस्वीकृत / निरस्त
99खून आलूदाखून से सना हुआ
100गवाह / गवाहनसाक्षी / गवाह
101गिरफ्तार / हिरासतपकड़ा जाना / अभिरक्षा
102तहत्अंतर्गत
103जख्त, जख्मी, मजरूबघायल / चोटिल
104दस्तयाबबरामद / प्राप्त
105मौका ए वारदातघटनास्थल
106परवानाअनुमति पत्र / वारंट
107फैसलानिर्णय
108हमराहसाथ में

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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