महिला एवं बाल विकास विभाग की भर्ती में फर्जी मार्कशीट का आरोप, आरटीआई से सामने आए दस्तावेज

सरगुजा जिले के लुंड्रा ब्लॉक में महिला और बाल विकास विभाग की सहायिका भर्ती पर नए सिरे से सवाल उठे हैं। 123 पदों के लिए हुई इस भर्ती में एक उम्मीदवार को कथित तौर पर फर्जी मार्कशीट के आधार पर चयनित किए जाने का आरोप सामने आया है। आवेदिका जीवन्ति नागेश ने आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर कलेक्टर को शिकायत दी है और पूरे मामले की जांच की मांग की है।

आरटीआई से सामने आए दस्तावेज, मार्कशीट में बदलाव का दावा

जिवन्ति नागेश के अनुसार उन्होंने भी इस पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन चयन सूची में उनका नाम नहीं आया। बाद में उन्हें पता चला कि एक अन्य आवेदिका सुशीला ने आवेदन में जमा की गई मार्कशीट में बदलाव किए थे। जीवन्ति ने सूचना के अधिकार के तहत सुशीला की मूल अंकतालिका स्कूल से प्राप्त की। इन दस्तावेजों में ओवरराइटिंग और अंकों में बदलाव स्पष्ट दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि मूल अंक काफी कम थे, जबकि जमा की गई मार्कशीट में अंक बढ़ाकर दिखाए गए थे, जिसके आधार पर सुशीला का चयन हुआ।

चयन प्रक्रिया की जांच पर उठे सवाल

आवेदिका का कहना है कि यदि दस्तावेजों की जांच सही तरीके से की जाती, तो फर्जी मार्कशीट स्वीकार ही नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्यापन में लापरवाही की वजह से योग्य उम्मीदवारों का नुकसान हुआ है। उनका मानना है कि विभाग ने चयन प्रक्रिया को ध्यान से नहीं परखा।

कलेक्टर ने जांच की शुरुआत की

जिवन्ति नागेश ने कलेक्टर से चयन रद्द करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर कार्यालय ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और बताया कि प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी मामले को संवेदनशील बताते हुए इसकी गंभीरता से जांच की बात कह रहे हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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