VIDEO: छत्तीसगढ़ में सियासी हलचल: PM मोदी के एक बयान से मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज़, क्या छत्तीसगढ़ में लागू होगा गुजरात फॉर्मूला?

रायपुर: 6 नवंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवा रायपुर में विधानसभा लोकार्पण समारोह में दिए गए भाषण ने छत्तीसगढ़ की सियासत में नई ऊर्जा भर दी है। मंच से पीएम मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की जिस तरह खुलकर तारीफ की, उसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में बड़े मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज़ हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या छत्तीसगढ़ में जल्द ही ‘गुजरात फॉर्मूला’ लागू होने वाला है?

PM मोदी ने रमन सिंह को बताया ‘सच्चा कप्तान’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में डॉ. रमन सिंह को “मित्र” और “सच्चा कप्तान” कहकर संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, “रमन जी इस बात का बड़ा उदाहरण हैं कि एक कार्यकर्ता अपने परिश्रम और समर्पण से लोकतांत्रिक व्यवस्था को कितना सशक्त बना सकता है।” मोदी के इस बयान को केवल शिष्टाचार या सम्मान के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। नवा रायपुर में राज्य स्थापना दिवस के मौके पर उनके भाषण में डॉ. रमन सिंह का जिक्र कई बार आना, भाजपा के भीतर संभावित बड़े संगठनात्मक फेरबदल की ओर इशारा कर रहा है।

क्या छत्तीसगढ़ में लागू होगा ‘गुजरात फॉर्मूला’?

प्रधानमंत्री की सराहना के तुरंत बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भाजपा आलाकमान छत्तीसगढ़ में भी ‘गुजरात फॉर्मूला’ लागू कर सकता है? इस फॉर्मूले के तहत, अक्तूबर महीने में गुजरात में मुख्यमंत्री को छोड़कर सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था और 19 नए मंत्री बनाए गए थे।

वरिष्ठ पत्रकार राम अवतार तिवारी का मानना है कि प्रधानमंत्री के बयान को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, “मोदी का बयान भाजपा कार्यकर्ताओं को संदेश देता है कि पार्टी में भूमिकाएँ बदलती रहती हैं। जिस तरह गुजरात में बड़े स्तर पर बदलाव हुए, वैसी ही संभावना छत्तीसगढ़ में भी है।” उनके समर्थकों के बीच रमन सिंह को फिर से नेतृत्व सौंपे जाने की मांग भी इस चर्चा को बल दे रही है।

देखिये वीडियो-

कांग्रेस का दावा: लूट-खसोट और असंतोष है वजह

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पीएम मोदी के भाषण को भाजपा के अंदरूनी असंतोष और असंतुलन का प्रमाण बताया। उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा, “गुजरात में जिस तरह भ्रष्टाचार और गुटबाजी के कारण पूरा मंत्रिमंडल बदला गया था, वैसी ही स्थिति छत्तीसगढ़ में भी है। यहां मंत्री पर्ची से बने हैं और लूट-खसोट में डूबे हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ में भी मंत्रिमंडल फेरबदल हो सकता है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि “भाजपा के कई नेता मंत्री बनने के सपने देख रहे हैं, कोई मंदिरों में पूजा कर रहा है, कोई बाबा के पास जा रहा है।”

भाजपा का खंडन: ये केवल सम्मान का प्रतीक

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान किसी राजनीतिक बदलाव का संकेत नहीं, बल्कि डॉ. रमन सिंह जैसे समर्पित कार्यकर्ता के प्रति गहरा सम्मान का प्रतीक है। श्रीवास्तव ने कहा, “दीपक बैज का खाली दिमाग शैतान का घर है, जो भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को समझे बिना बयानबाजी कर रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा परफॉर्मेंस बेस्ड पॉलिटिक्स पर चलती है, और अगर कोई बदलाव होता भी है, तो वह संगठनात्मक रणनीति के तहत होगा, न कि किसी दबाव में।

संकेतों के पीछे की अंतिम सियासत

कुल मिलाकर, पीएम मोदी के ‘सच्चा कप्तान’ वाले बयान ने भाजपा छत्तीसगढ़ के भीतर एक नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। भाजपा नेतृत्व लगातार आंतरिक सर्वे कर रहा है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रहा है। वरिष्ठ पत्रकार मानते हैं कि अगर केंद्रीय नेतृत्व को लगे कि परफॉर्मेंस में सुधार की जरूरत है, तो फेरबदल तय है। यदि किसी भी तरह का व्यापक फेरबदल होता है, तो पीएम मोदी का ‘कप्तान-खिलाड़ी’ वाला उदाहरण आने वाले समय में राजनीतिक संकेतों की एक क्लासिक मिसाल बन जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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