रायपुर की राजनीति में उबाल: महंत बोले- “भाजपा में रहकर भी कांग्रेस की मदद करते हैं बृजमोहन अग्रवाल”

रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ संघर्ष परिषद के एक कार्यक्रम के दौरान रविवार को राज्य की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब धुर विरोधी दलों के दो बड़े नेता एक साथ नजर आए। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने न केवल मंच साझा किया, बल्कि उनके बीच की केमिस्ट्री ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। सार्वजनिक मंच से महंत ने बृजमोहन अग्रवाल की तारीफों के पुल बांधे, जिससे वहां मौजूद लोग और राजनीतिक जानकार हैरान रह गए।

भाजपा में रहकर कांग्रेस की सहायता का दावा

सियासी गलियारों में हलचल तब और तेज हो गई जब डॉ. चरणदास महंत ने एक विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल भले ही भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और सांसद हैं, लेकिन वे दिल से कांग्रेस के मददगार रहे हैं। महंत के मुताबिक, बृजमोहन अग्रवाल भाजपा में रहते हुए भी कांग्रेस की सहायता करते आए हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि वे भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगे। इस टिप्पणी के बाद सभा में सुगबुगाहट शुरू हो गई।

कांग्रेस में एंट्री की संभावनाओं पर क्या कहा?

अफवाहों और अटकलों को विराम देते हुए डॉ. चरणदास महंत ने स्पष्ट किया कि बृजमोहन अग्रवाल के कांग्रेस में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या अग्रवाल कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं, तो महंत ने हंसते हुए कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस की मदद करने के लिए किसी का पार्टी में होना अनिवार्य नहीं होता, कई बार विपक्षी दल में रहकर भी बेहतर तालमेल और सहयोग की राजनीति की जा सकती है।

राजनीति को बताया शतरंज की बिसात

नेतृत्व और रणनीतियों पर बात करते हुए महंत ने राजनीति की तुलना शतरंज के खेल से की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हर चाल बहुत सोच-समझकर चली जाती है। कभी छोटी चालों से काम चलाना पड़ता है, तो कभी लंबी दूरी की योजना बनानी होती है। महंत के अनुसार, राजनीति केवल वैचारिक विरोध तक सीमित नहीं है, इसमें व्यक्तिगत संबंधों और आपसी सहयोग का भी बड़ा स्थान होता है, जो पर्दे के पीछे काम करता है।

सियासी गलियारों में बयान के गहरे मायने

जानकारों का मानना है कि महंत का यह बयान महज एक चुटकी नहीं है, बल्कि इसके गहरे अर्थ हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बृजमोहन अग्रवाल की छवि एक ऐसे नेता की है जिनके संबंध सभी दलों में बेहद मजबूत हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष का यह कहना कि वे भाजपा में रहकर कांग्रेस का काम आसान करते हैं, भाजपा संगठन के भीतर असहज स्थिति पैदा कर सकता है। फिलहाल इस बयान पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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