
रायपुर में कांग्रेसी नेता राहुल ठाकुर के पास मिले नशीले पदार्थ एमडीएमए की जांच में यह साफ हो गया है कि यह खेप पंजाब से लाई गई थी। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और नशे की क्वालिटी जांचने के लिए सैम्पल को लैब भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस की कड़ाई के बाद भी शहर में पंजाब के अलावा दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई लगातार हो रही है। अब पुलिस उन रूटों का पता लगा रही है जिनसे यह नशा छत्तीसगढ़ की सीमा में दाखिल हो रहा है।
शहर में सक्रिय हुआ नशे का नया गिरोह
पुलिस को रायपुर में एक नए तस्कर गिरोह के सक्रिय होने की पक्की खबर मिली है। जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि जो लोग पहले केवल खुद के लिए नशा मंगाते थे वे अब इसे बेचने का धंधा करने लगे हैं। पुलिस ने ऐसे आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्धों की पहचान की है जो नशे को मोटी कमाई का जरिया बना रहे हैं। इन तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही कुछ बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
मोबाइल चैट से खुलेगा तस्करी का पूरा नेटवर्क
इस पूरे मामले में कांग्रेसी नेता राहुल ठाकुर का मोबाइल फोन सबसे बड़ा सबूत माना जा रहा है। पुलिस ने फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है जिससे उसकी पुरानी चैट और कॉल डिटेल्स निकाली जा सकें। इस मामले में एक युवती और एक युवक से भी पूछताछ की गई थी जिन्हें फिलहाल प्राथमिक जांच के बाद छोड़ दिया गया है। मोबाइल की रिपोर्ट आने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई और सफेदपोश चेहरों के नाम सामने आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
नए साल की पार्टियों के लिए नशीला प्लान
हाल ही में पकड़े गए तस्करों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि नए साल के जश्न के लिए रायपुर में बड़े पैमाने पर ड्रग्स की बुकिंग की गई है। 30 दिसंबर से लेकर 2 जनवरी तक शहर के बाहरी इलाकों में बने फार्महाउस और क्लबों में नशीली पार्टियों का आयोजन होना था। सेजबहार रोड जैसी पॉश कॉलोनियों के कुछ बंगलों को भी इन सीक्रेट पार्टियों के लिए पहले ही बुक कर लिया गया है। पुलिस अब उन इवेंट प्लानर्स की सूची तैयार कर रही है जो ऐसी पार्टियों के इंतजाम में लगे थे।
लिस्ट में शामिल बड़े नाम पर कार्रवाई का इंतजार
Profiles. ड्रग्स क्वीन के नाम से मशहूर युवती के फोन से पुलिस को 300 से ज्यादा ऐसे नंबर मिले हैं जो नियमित रूप से ड्रग्स खरीदते थे। इस लिस्ट में शहर के कई बड़े नेता और रसूखदार अधिकारी शामिल हैं लेकिन पुलिस अब तक इन हाई-प्रोफाइल लोगों पर हाथ डालने से बच रही है। हालांकि आईजी ने नशे की लत छुड़ाने के लिए एक काउंसलिंग कमेटी बनाई थी पर बीते तीन महीनों में एक भी व्यक्ति की काउंसलिंग नहीं की गई है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है एमडीएमए और शरीर पर इसका असर
एमडीएमए जिसे बोलचाल की भाषा में एक्स्टसी या मॉली कहा जाता है एक खतरनाक सिंथेटिक नशा है। इसे लेने के बाद इंसान के दिमाग में सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे केमिकल तेजी से निकलने लगते हैं जिससे उसे कुछ देर के लिए बहुत खुशी और ऊर्जा महसूस होती है। लेकिन इसका असर खत्म होते ही शरीर और मानसिक सेहत पर इसके बहुत बुरे प्रभाव पड़ते हैं जिससे इंसान गंभीर डिप्रेशन और घबराहट का शिकार हो सकता है। पुलिस अब आम जनता को इस घातक नशे के प्रति जागरूक करने का अभियान भी चलाने वाली है।
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