
नई दिल्ली: अगर आपका प्रॉविडेंट फंड (PF) खाता लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं हुआ है, तो यह इनएक्टिव हो सकता है। ऐसी स्थिति में खाते पर मिलने वाला ब्याज बंद हो जाता है और भविष्य में क्लेम या ट्रांसफर करना भी मुश्किल हो सकता है। अच्छी बात यह है कि EPFO ने इनएक्टिव खाते को फिर से सक्रिय करने की आसान प्रक्रिया बताई है।
PF खाता कब होता है इनएक्टिव?
EPFO नियमों के मुताबिक, अगर किसी PF खाते में लगातार 36 महीने तक कोई योगदान, निकासी या ट्रांसफर नहीं होता (सिर्फ ब्याज क्रेडिट को छोड़कर), तो खाता इनएक्टिव माना जाता है।
- नौकरी बदलने पर अगर पुराना PF नए खाते में ट्रांसफर नहीं किया गया हो।
- लंबे समय तक बेरोजगार रहने पर योगदान न होने की स्थिति में।
इनएक्टिव PF खाते के नुकसान
- खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
- कंपाउंडिंग का लाभ नहीं मिलता, जिससे रिटायरमेंट के लिए बनने वाला कॉर्पस प्रभावित होता है।
- क्लेम या ट्रांसफर के समय KYC और अन्य डिटेल्स मिसमैच होने पर दिक्कतें आती हैं।
नौकरी बदलते समय PF ट्रांसफर क्यों जरूरी?
अक्सर नया नियोक्ता नया PF खाता खोल देता है। यदि पुराना खाता समय पर ट्रांसफर नहीं किया जाता, तो वह इनएक्टिव हो सकता है।
- समय रहते ट्रांसफर करने पर खाता एक्टिव रहता है।
- ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा जारी रहता है।
- निकासी और क्लेम में कोई परेशानी नहीं आती।
- पेंशन (EPS) के लिए पूरी सर्विस हिस्ट्री सुरक्षित रहती है।
इनएक्टिव PF खाते को कैसे करें एक्टिवेट?
- UAN सक्रिय करें और KYC पूरी तरह अपडेट करें।
- बैंक खाता और ई-नॉमिनेशन लिंक करें।
- नाम, जन्मतिथि या पिता के नाम जैसी गलतियों को जॉइंट डिक्लेरेशन के जरिए सुधारें।
- पुराने खाते को नए PF खाते में ट्रांसफर करें।
- जरूरत पड़ने पर EPFiGMS पोर्टल से शिकायत दर्ज कर सुधार करवाएं।
- पासबुक और सर्विस हिस्ट्री समय-समय पर जांचते रहें।
ध्यान रखने योग्य बातें
- नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर न करने से ब्याज बंद हो सकता है।
- ट्रांसफर करने से न केवल पैसा सुरक्षित रहता है, बल्कि पेंशन का रिकॉर्ड भी सही रहता है।
- खाता दोबारा सक्रिय करने के लिए KYC और एक छोटी ट्रांजैक्शन करना बेहद जरूरी है।



