
बलौदाबाजार: पिछले साल 10 जून को बलौदाबाजार में भड़की भीषण हिंसा और कलेक्ट्रेट परिसर में हुई आगजनी के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की विशेष टीम ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ ही जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश वर्मा को भी पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया है। दिनेश वर्मा को क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित बघेल का बेहद करीबी माना जाता है। पुलिस का दावा है कि हिंसा की उस घटना में इन दोनों नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।
कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस में हुई थी भीषण आगजनी: सरकारी संपत्तियों को पहुंचाया गया था भारी नुकसान, जांच के बाद पुलिस ने दबोचा
10 जून 2024 की वह तारीख बलौदाबाजार के इतिहास में एक काले दिन के रूप में दर्ज है। उस दिन सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान भीड़ अचानक बेकाबू हो गई थी। उपद्रवियों ने संयुक्त जिला कार्यालय (कलेक्ट्रेट), पुलिस अधीक्षक कार्यालय और तहसील कार्यालय सहित कई सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की थी। देखते ही देखते सरकारी दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया गया था, जिसमें सैकड़ों वाहन और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए थे। पुलिस तभी से इस मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ रही है। अजय यादव और दिनेश वर्मा पर भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
विधायक देवेंद्र यादव भी गए थे जेल: भिलाई नगर विधायक समेत कई नेता पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार, FIR की लंबी है फेहरिस्त
बलौदाबाजार हिंसा मामले में अब तक कई बड़े चेहरों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस कांड में दर्जनों एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें गंभीर आपराधिक धाराएं लगाई गई हैं। अपराध क्रमांक 386/2024 के तहत पुलिस ने अब तक सैकड़ों लोगों को सलाखों के पीछे भेजा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह हिंसा कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी रणनीति थी, जिसकी परते अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।
सोशल मीडिया और फुटेज से हुई पहचान: पुलिस की विशेष टीम कर रही है कड़ाई से पूछताछ, कई और नामों का हो सकता है खुलासा
अजय यादव और दिनेश वर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। घटना के समय के मोबाइल टावर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की बारीकी से जांच की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन नेताओं की मौजूदगी और गतिविधियों के साक्ष्य मिलने के बाद ही स्पेशल टीम ने इन्हें उठाने की योजना बनाई। फिलहाल दोनों आरोपियों से अज्ञात स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे पूछताछ के बाद कुछ और संगठनों और नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं जिन्होंने परदे के पीछे से इस बवाल को हवा दी थी।
बलौदाबाजार में कड़ी सुरक्षा के इंतजाम: शांति बनाए रखने की अपील, अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर
ताजी गिरफ्तारियों के बाद बलौदाबाजार और आसपास के इलाकों में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि भड़काऊ पोस्ट या अफवाहों के जरिए दोबारा माहौल खराब न किया जा सके। पुलिस का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन दोषियों को बख्शा भी नहीं जाएगा।
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