
रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ आगमन से पहले रायपुर नगर निगम के पूर्व कांग्रेसी मेयर प्रमोद दुबे ने उनसे मिलने का समय माँगा है। प्रमोद दुबे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य के 10 मंत्रियों द्वारा दो-दो सरकारी बंगलों पर कब्जा रखने के मामले पर उनका ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने इस विषय पर विस्तृत जानकारी सीधे प्रधानमंत्री को सौंपने के लिए उनसे मुलाकात का समय माँगा है।

आवास आवंटन नियमों का उल्लंघन और CAG ऑडिट की आशंका
प्रमोद दुबे ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि भारत के किसी भी राज्य में आवास आवंटन नीति के तहत किसी मंत्री को केवल एक ही सरकारी बंगला दिए जाने का नियम है। इसके विपरीत, छत्तीसगढ़ राज्य के 10 मंत्रियों ने दो-दो बंगलों पर कब्जा कर रखा है। दुबे ने आरोप लगाया है कि यह कृत्य सेंट्रल सिविल सर्विस रूल्स का उल्लंघन है और इससे आने वाले समय में कैग (CAG) की ऑडिट आपत्ति आ सकती है।
सरकारी धन का दुरुपयोग: दो बंगलों का भारी खर्च
पूर्व मेयर ने आरोप लगाया कि मंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए, विगत छह माह से नया रायपुर और पुराने रायपुर में स्थित इन दोनों बंगलों के रखरखाव पर भारी रकम खर्च करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बंगलों के गार्डन, बिजली बिल, मेंटेनेंस और मैनपावर पर होने वाला यह खर्च विभागीय बजट से किया जा रहा है, जिसे जनता के विकास कार्यों में लगना चाहिए था।
60 हजार करोड़ के कर्ज के बीच फिजूलखर्ची पर सवाल
प्रमोद दुबे ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार विगत दो वर्षों में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। ऐसी गंभीर वित्तीय परिस्थितियों के बावजूद मंत्रियों द्वारा दो-दो बंगले रखे जाने से जनमानस में अविश्वास बढ़ रहा है और सरकार की जीरो टॉलरेंस की बात खोखली साबित हो रही है।
कलेक्टर के माध्यम से मांगा मुलाकात का समय
प्रमोद दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि उन्होंने स्वयं मिलकर इस समस्त जानकारी को विस्तृत रूप से तैयार किया है। उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय प्रदान करने की अपील की है, ताकि वे व्यक्तिगत रूप से इस वित्तीय अनियमितता से जुड़े साक्ष्य प्रधानमंत्री को सौंप सकें।
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