
रायपुर। CG Assembly Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा में अनियमितताओं का मामला गरमाया रहा। प्रश्नकाल में भाजपा विधायकों राजेश मूणत, अजय चंद्राकर और विपक्ष से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया, जिस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा घिरते नजर आए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में हंगामा किया और बाद में वॉकआउट कर दिया।
BJP MLA Rajesh Munat: भाजपा विधायक राजेश मूणत ने मंत्री से सवाल किया कि विभागीय परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कहां तक पहुंची, दोषियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और कुल कितने परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जवाब में मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया किपिछली सरकार के दौरान परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन परिणाम जारी होने के बाद शिकायतें सामने आईं। पांच सदस्यीय समिति की जांच में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद मामले को EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) को सौंपा गया है।
Revenue inspector Bharti controversy: मूणत ने आरोप लगाया कि परीक्षा में साली, जीजा और भाई-भाई एक जगह परीक्षा केंद्र पर बैठे थे, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जबकि वरिष्ठ 5 अधिकारियों की टीम ने जांच की. इसपर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? मंत्री ने सफाई दी कि जांच समिति ने कुछ दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में अस्वीकार किया, लेकिन कॉल डिटेल जैसे तकनीकी पहलुओं की जांच अभी जारी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
BJP MLA Ajay Chandrakar: भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि इओडब्ल्यू जांच का निर्णय किसने लिया? आपके विभाग में इओडब्ल्यू जांच हो ये फैसला किसका है? इस पर टंकराम वर्मा ने कहा कि विभाग ने ही इओडब्ल्यू को जांच के लिए दिया.
EX CM Bhupesh Baghel: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह सवाल उठाया कि परीक्षा किस सरकार के दौरान हुई। मंत्री ने जवाब में कहा कि परीक्षा जनवरी 2024 में आयोजित हुई थी और रिजल्ट फरवरी में आया था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रक्रिया भाजपा सरकार के समय हुई। इसके बाद विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाए कि वह दोषियों को बचा रही है और सीबीआई जांच की मांग की।
विपक्ष के हंगामे और सत्ता पक्ष के साथ तीखी नोकझोंक के बीच विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
CG Revenue Inspector Bharti Scam: गौरतलब है कि राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा के लिए विज्ञापन सितंबर 2023 में जारी किया गया था, परीक्षा जनवरी 2024 में आयोजित हुई और परिणाम फरवरी 2024 में घोषित किए गए। इस दौरान राज्य में सत्ता परिवर्तन हो चुका था। अब यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अहम मुद्दा बनकर उभर रहा है। हालांकि, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आश्वासन दिया है कि आगामी विधानसभा सत्र से पहले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



